खुले पालन की देसी मुर्गियाँ दिन में कीड़े, घास, बीज और अन्य प्राकृतिक चीजें खोजती हैं, लेकिन यह पूरा संतुलित भोजन नहीं होता। अच्छे स्वास्थ्य, अंडा उत्पादन और शरीर विकास के लिए उन्हें फिर भी संतुलित मुख्य दाना चाहिए।
मुर्गी के दाने में किन पोषक तत्वों की जरूरत होती है?
- ऊर्जा के लिए अनाज
- शरीर और पंख के लिए प्रोटीन और आवश्यक अमीनो अम्ल
- हड्डी और अंडे के छिलके के लिए कैल्शियम और फॉस्फोरस
- नमक और सूक्ष्म खनिज
- विटामिन
- साफ पानी
ऊर्जा के लिए कौन-से अनाज उपयोग हो सकते हैं?
मक्का, गेहूँ, ज्वार, बाजरा और कुछ अन्य अनाज स्थानीय उपलब्धता के अनुसार उपयोग किए जा सकते हैं। लेकिन केवल अनाज का मिश्रण पूरा दाना नहीं है, क्योंकि उसमें प्रोटीन, खनिज और विटामिन पर्याप्त नहीं हो सकते।
प्रोटीन कहाँ से मिलेगा?
सोयाबीन खली, मूंगफली खली, सूरजमुखी खली और अन्य सुरक्षित प्रोटीन स्रोत उपयोग किए जा सकते हैं। हर खली की पोषण गुणवत्ता, रेशा और विषैले पदार्थ का जोखिम अलग होता है। इसलिए बड़े झुंड के लिए विशेषज्ञ से सूत्र बनवाना बेहतर है।
अंडा देने वाली मुर्गियों में कैल्शियम क्यों जरूरी है?
अंडे का छिलका बनाने के लिए कैल्शियम की जरूरत बढ़ जाती है। संतुलित लेयर दाने में कैल्शियम का स्तर उसी अनुसार रखा जाता है। केवल चूना या अंडे के छिलके अनियमित मात्रा में देना संतुलित दाने का विकल्प नहीं है।
क्या रसोई का बचा खाना दे सकते हैं?
कुछ सुरक्षित और ताजा घरेलू बचा भोजन छोटी मात्रा में दिया जा सकता है, लेकिन वह मुख्य दाने का स्थान नहीं ले। बहुत नमकीन, फफूंद लगा, सड़ा या अत्यधिक तेल वाला भोजन न दें।
हरी सामग्री का उपयोग
घास, पत्तेदार सब्जियों के सुरक्षित हिस्से और खुले चराई क्षेत्र से विविधता मिल सकती है। लेकिन हरा चारा भी संतुलित ऊर्जा और प्रोटीन का पूरा विकल्प नहीं है। जहरीले पौधों से बचें।
घर का दाना बनाते समय सबसे बड़ी गलती
सबसे सामान्य गलती केवल उपलब्ध अनाज और खली को मन से मिलाना है। मुर्गियों की जरूरत उम्र और उत्पादन अवस्था के अनुसार बदलती है। चूजे, बढ़ते पक्षी और अंडा देने वाली मुर्गियों का एक ही सूत्र नहीं होना चाहिए।
घर पर दाना तैयार करने की सुरक्षित प्रक्रिया
- पहले पक्षियों की उम्र और उद्देश्य तय करें।
- उपलब्ध कच्चे माल की सूची बनाएं।
- कच्चे माल की गुणवत्ता जाँचें।
- पोल्ट्री पोषण विशेषज्ञ से संतुलित सूत्र बनवाएँ।
- हर सामग्री को सही तौल से लें।
- सूक्ष्म खनिज और विटामिन मिश्रण को समान रूप से मिलाएँ।
- तैयार दाने को सूखे स्थान में रखें।
- दाना सेवन और पक्षियों की स्थिति का रिकॉर्ड रखें।
फफूंद लगा दाना क्यों खतरनाक है?
नमी वाले अनाज और खली में फफूंद विकसित हो सकती है और कुछ फफूंद विषैले पदार्थ बनाती हैं। ऐसे दाने से वृद्धि, अंडा उत्पादन, यकृत और रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है। बदबू, गर्म बैग, गीला दाना या असामान्य रंग दिखे तो उपयोग न करें।
दाना कैसे रखें?
- सूखे और हवादार कमरे में रखें।
- बैग सीधे फर्श पर न रखें।
- चूहे और कीट रोकें।
- पुराना दाना पहले उपयोग करें।
- पानी के बर्तन से दूर रखें।
खुले पालन में दाना कब दें?
दिनचर्या स्थिर रखना उपयोगी है। सुबह संतुलित दाना देने के बाद पक्षियों को चराई क्षेत्र में छोड़ा जा सकता है और शाम को वापसी पर जरूरत के अनुसार दाना दिया जा सकता है। वास्तविक मात्रा पक्षियों की उम्र, वजन, उत्पादन और मुख्य दाने की ऊर्जा पर निर्भर करती है।
क्या पूरे दिन दाना सामने रखना चाहिए?
यह पालन प्रणाली पर निर्भर है। बढ़ते चूजों और उच्च उत्पादन वाले पक्षियों में निरंतर पहुँच उपयोगी हो सकती है। वयस्क खुले पक्षियों में दाना बर्बादी और मोटापे से बचने के लिए सेवन का रिकॉर्ड रखना अच्छा है।
पानी की अनदेखी न करें
पानी की कमी कुछ ही समय में दाना सेवन और अंडा उत्पादन घटा सकती है। गर्म मौसम में साफ और ठंडा पानी कई स्थानों पर उपलब्ध रखें।
कब व्यावसायिक संतुलित दाना बेहतर है?
यदि आपके पास सही तौल, गुणवत्ता वाला कच्चा माल, पोषण सूत्र और मिश्रण व्यवस्था नहीं है, तो विश्वसनीय निर्माता का उम्र-अनुसार संतुलित दाना अधिक सुरक्षित हो सकता है। घर का दाना केवल इसलिए सस्ता नहीं होता कि अनाज अपना है; पोषण की कमी का छिपा नुकसान भी जोड़ना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या देसी मुर्गी केवल मक्का खा सकती है?
मक्का ऊर्जा देता है, लेकिन पूरा संतुलित पोषण नहीं देता।
क्या खुले में घूमने से दाने की जरूरत खत्म हो जाती है?
नहीं। प्राकृतिक चराई केवल पूरक है, मुख्य संतुलित आहार का स्थान नहीं।
निष्कर्ष
खुले पालन की मुर्गियों का अच्छा दाना विविध कच्चे माल का मनमाना मिश्रण नहीं, बल्कि उम्र और उत्पादन के अनुसार संतुलित पोषण है। छोटे झुंड में भी पानी, कैल्शियम, प्रोटीन और फफूंद नियंत्रण पर समान ध्यान दें।

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