31 दिसंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में नोटबंदी के बाद की स्थिति, बैंकिंग व्यवस्था, किसानों, आवास, छोटे कारोबार, गर्भवती महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और डिजिटल भुगतान से जुड़ी कई घोषणाएँ की थीं। यह भाषण नए वर्ष 2017 की पूर्व संध्या पर दिया गया था।
यह लेख उस ऐतिहासिक भाषण का सरल हिंदी सारांश है। इसमें दी गई रकम, ब्याज दरें और समय-सीमाएँ वर्ष 2016–17 की घोषणाओं से संबंधित हैं; इन्हें किसी योजना की वर्तमान पात्रता या लाभ मानकर आवेदन न करें। मौजूदा नियम जानने के लिए संबंधित सरकारी विभाग या योजना की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
भाषण की पृष्ठभूमि
यह संबोधन 8 नवंबर 2016 को घोषित नोटबंदी के लगभग सात सप्ताह बाद हुआ था। उस समय पुराने ₹500 और ₹1,000 के नोटों को चलन से हटाने के कारण बैंकों तथा एटीएम पर दबाव था। प्रधानमंत्री ने लोगों की कठिनाइयों का उल्लेख किया और कहा कि बैंकिंग व्यवस्था को जल्द सामान्य करने, विशेषकर ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों की समस्याएँ दूर करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
भाषण में भ्रष्टाचार, काला धन, नकली मुद्रा और अनौपचारिक नकदी अर्थव्यवस्था पर भी चर्चा हुई। इन विषयों की विस्तृत पृष्ठभूमि के लिए काला धन पर लेख और विमुद्रीकरण के फायदे और नुकसान पढ़े जा सकते हैं।
2017 के लिए घोषित प्रमुख बातें
| क्षेत्र | 31 दिसंबर 2016 के भाषण में कही गई प्रमुख बात |
|---|---|
| शहरी आवास | 2017 में ₹9 लाख तक के आवास ऋण पर 4% और ₹12 लाख तक के ऋण पर 3% ब्याज सहायता की घोषणा। |
| ग्रामीण आवास | नया घर बनाने या पुराने घर के विस्तार के लिए ₹2 लाख तक के ऋण पर 3% ब्याज सहायता तथा ग्रामीण आवास निर्माण बढ़ाने की बात। |
| किसान | जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों और प्राथमिक समितियों से लिए गए रबी ऋण पर 60 दिनों के ब्याज का भार सरकार द्वारा उठाने की घोषणा। |
| किसान क्रेडिट कार्ड | तीन करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड धारकों को तीन महीने के भीतर RuPay डेबिट कार्ड देने का लक्ष्य। |
| छोटे कारोबार | छोटे व्यवसायों के ऋण की सरकारी क्रेडिट गारंटी सीमा ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹2 करोड़ करने और NBFC ऋण को भी शामिल करने की बात। |
| गर्भवती महिलाएँ | संस्थागत प्रसव और बच्चे के टीकाकरण से जुड़ी शर्तों के अंतर्गत ₹6,000 की सहायता की घोषणा। |
| वरिष्ठ नागरिक | ₹7.5 लाख तक की जमा राशि पर 10 वर्षों के लिए 8% वार्षिक ब्याज सुरक्षित करने की योजना का उल्लेख। |
| डिजिटल भुगतान | BHIM ऐप अपनाने और नकद-रहित लेन-देन बढ़ाने की अपील। |
आवास से संबंधित घोषणाएँ
प्रधानमंत्री ने गरीब, निम्न-मध्यम और मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदना आसान बनाने की बात कही। शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मध्यम आय वर्ग की दो श्रेणियों का उल्लेख किया गया। 2017 में लिए गए ₹9 लाख तक के आवास ऋण पर 4% और ₹12 लाख तक के ऋण पर 3% ब्याज सहायता की घोषणा की गई थी।
ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों के लिए बनाए जाने वाले घरों की संख्या 33% बढ़ाने तथा नया घर बनाने या विस्तार के लिए ₹2 लाख तक के ऋण पर 3% ब्याज सहायता की बात कही गई। ये ऐतिहासिक घोषणाएँ थीं; वर्तमान नियमों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी के साथ आधिकारिक योजना पोर्टल भी जाँचें।
किसानों के लिए राहत
भाषण में बताया गया कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों और प्राथमिक समितियों से रबी फसल के लिए ऋण लेने वाले किसानों के 60 दिनों के ब्याज का भार सरकार उठाएगी। जिन किसानों ने पिछले दो महीनों का ब्याज चुका दिया था, उनके खातों में वह राशि वापस भेजने की बात भी कही गई।
NABARD के कोष में ₹20,000 करोड़ अतिरिक्त जोड़ने और सहकारी संस्थाओं के माध्यम से ऋण उपलब्धता बढ़ाने की घोषणा की गई। साथ ही तीन करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड धारकों को RuPay डेबिट कार्ड देने का लक्ष्य रखा गया, ताकि किसान केवल बैंक शाखा पर निर्भर न रहें। योजना की सामान्य जानकारी के लिए किसान क्रेडिट कार्ड से संबंधित मार्गदर्शिका देखें।
छोटे कारोबार और डिजिटल लेन-देन
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए ऋण गारंटी सीमा ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹2 करोड़ करने की घोषणा हुई। इस सुविधा में बैंकों के साथ NBFC द्वारा दिए गए ऋण को शामिल करने की बात भी कही गई। बैंकों से छोटे उद्योगों की ऋण सीमा बढ़ाने तथा डिजिटल लेन-देन करने वाले कारोबारों को अधिक कार्यशील पूँजी देने का आग्रह किया गया।
मूल भाषण में 8% और 6% का उल्लेख सामान्य “डिजिटल ट्रांजैक्शन टैक्स” के रूप में नहीं था। यह ₹2 करोड़ तक कारोबार वाले पात्र व्यवसायों की अनुमानित आय की गणना से जुड़ी घोषणा थी: डिजिटल प्राप्तियों के लिए आय 8% के बजाय 6% मानने की बात कही गई थी। इसलिए इसे हर डिजिटल भुगतान पर लगने वाली कर-दर समझना गलत होगा। कैशलेस अर्थव्यवस्था के फायदे और नुकसान अलग लेख में समझे जा सकते हैं।
महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए घोषणा
प्रधानमंत्री ने गर्भवती महिलाओं के लिए देशव्यापी आर्थिक सहायता की घोषणा की। भाषण के अनुसार संस्थागत प्रसव कराने और बच्चे का टीकाकरण कराने वाली पात्र महिलाओं के बैंक खाते में ₹6,000 भेजे जाने थे। इसका उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान पोषण, आराम तथा माँ और बच्चे के स्वास्थ्य में सुधार करना बताया गया।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹7.5 लाख तक की जमा राशि पर 10 वर्षों के लिए 8% वार्षिक ब्याज सुरक्षित करने और ब्याज का मासिक भुगतान करने वाली योजना की बात कही गई। यह विवरण उस समय की घोषणा का सार है, वर्तमान निवेश सलाह नहीं।
BHIM ऐप और डिजिटल भुगतान
भाषण से एक दिन पहले BHIM—Bharat Interface for Money—प्लेटफॉर्म शुरू किया गया था। प्रधानमंत्री ने युवाओं, व्यापारियों और किसानों से इसे अपनाने की अपील की। यह घोषणा भारत में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयास का हिस्सा थी।
भाषण का संक्षिप्त निष्कर्ष
31 दिसंबर 2016 के संबोधन का केंद्र नोटबंदी के बाद लोगों की कठिनाइयाँ, भ्रष्टाचार और काले धन के विरुद्ध अभियान तथा 2017 के लिए कल्याणकारी घोषणाएँ थीं। आवास, कृषि ऋण, छोटे व्यवसाय, मातृत्व सहायता, वरिष्ठ नागरिक और डिजिटल भुगतान इसके प्रमुख विषय रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन और राजनीतिक सफर के बारे में नरेंद्र मोदी की जीवनी पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भाषण कब दिया था?
यह राष्ट्र के नाम संबोधन 31 दिसंबर 2016 को नए वर्ष 2017 की पूर्व संध्या पर दिया गया था।
भाषण का मुख्य विषय क्या था?
मुख्य विषय नोटबंदी के बाद की स्थिति, भ्रष्टाचार और काला धन, बैंकिंग व्यवस्था तथा आवास, किसान, छोटे कारोबार, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए घोषणाएँ थे।
क्या लेख में बताई गई योजनाएँ आज भी इन्हीं शर्तों पर उपलब्ध हैं?
जरूरी नहीं। यहाँ दी गई राशियाँ, दरें और समय-सीमाएँ 31 दिसंबर 2016 के भाषण का ऐतिहासिक विवरण हैं। वर्तमान पात्रता और लाभ आधिकारिक सरकारी स्रोत से सत्यापित करें।
BHIM का पूरा नाम क्या है?
BHIM का पूरा नाम Bharat Interface for Money है। भाषण में डिजिटल भुगतान बढ़ाने के लिए इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने की अपील की गई थी।
आधिकारिक स्रोत: प्रधानमंत्री कार्यालय, 31 दिसंबर 2016 का राष्ट्र के नाम संबोधन।