SBI इंटरनेट बैंकिंग से अपने खाते, दूसरे SBI खाते और अन्य बैंकों के खाते में पैसा भेजा जा सकता है। 2026 में भारतीय स्टेट बैंक की आधिकारिक इंटरनेट बैंकिंग सुविधा से NEFT, RTGS, IMPS और अपने खातों के बीच हस्तांतरण उपलब्ध हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात है लाभार्थी सही जोड़ना, खाता नंबर और IFSC दोबारा जांचना तथा OTP/पासवर्ड किसी से साझा न करना।
पुराने लेखों में कई बार लाभार्थी activation time, लेनदेन सीमा या सेवा शुल्क ऐसे लिखे होते हैं जैसे वे हमेशा एक जैसे रहेंगे। ये सीमाएं और समय बैंक समय-समय पर बदल सकता है। इसलिए इस लेख में स्थायी प्रक्रिया समझाई गई है और बदलने वाले limits के लिए SBI की वर्तमान स्क्रीन/आधिकारिक पृष्ठ देखने की सलाह दी गई है। डिजिटल भुगतान की व्यापक जानकारी के लिए Paytm और UPI, MobiKwik और UPI तथा कैशलेस अर्थव्यवस्था पढ़ सकते हैं।
SBI इंटरनेट बैंकिंग में पैसे भेजने के मुख्य तरीके
- अपने एक SBI खाते से दूसरे अपने खाते में हस्तांतरण
- दूसरे SBI ग्राहक के खाते में हस्तांतरण
- अन्य बैंक में NEFT
- अन्य बैंक में RTGS
- IMPS से तत्काल हस्तांतरण
- Standing Instruction द्वारा नियमित भुगतान
NEFT क्या है?
NEFT यानी राष्ट्रीय Electronic Funds हस्तांतरण एक nationwide electronic भुगतान system है। सामान्य बैंक-to-बैंक हस्तांतरण के लिए यह व्यापक रूप से उपयोग होता है। SBI की retail इंटरनेट बैंकिंग में पंजीकृत लाभार्थी को NEFT से पैसा भेजा जा सकता है।
RTGS क्या है?
RTGS यानी Real Time Gross Settlement बड़े मूल्य के हस्तांतरण के लिए उपयोग होता है। इसमें RBI द्वारा निर्धारित minimum राशि और बैंक नियम लागू होते हैं। यदि आपके हस्तांतरण की राशि RTGS की न्यूनतम सीमा से कम है तो NEFT या IMPS अधिक उपयुक्त हो सकता है।
IMPS क्या है?
IMPS का उपयोग तत्काल inter-बैंक हस्तांतरण के लिए किया जाता है। YONO और SBI के डिजिटल channels में IMPS उपलब्ध हो सकता है। उपलब्ध सीमा, शुल्क और समय वर्तमान बैंकिंग स्क्रीन से सत्यापित करें करें।
लाभार्थी क्यों जोड़ना पड़ता है?
किसी दूसरे बैंक खाते में बार-बार पैसा भेजने से पहले उस व्यक्ति/संस्था के खाता विवरण को लाभार्थी के रूप में register किया जाता है। इससे बैंक लाभार्थी name, खाता नंबर, IFSC और हस्तांतरण सीमा सुरक्षित profile में रखता है। गलत लाभार्थी जोड़ना गंभीर गलती हो सकती है, इसलिए खाता नंबर copy-paste करने के बाद भी दोबारा पढ़ें।
SBI इंटरनेट बैंकिंग में लाभार्थी कैसे जोड़ें?
- केवल आधिकारिक SBI इंटरनेट बैंकिंग साइट खोलें।
- उपयोगकर्ता ID और पासवर्ड से लॉगिन करें।
- भुगतान/हस्तांतरण या लाभार्थी management अनुभाग खोलें।
- Other बैंक लाभार्थी/Inter बैंक Payee चुनें।
- नाम, खाता नंबर और IFSC भरें।
- खाता नंबर दूसरी बार confirm करें।
- हस्तांतरण सीमा भरें यदि system मांगे।
- प्रोफाइल पासवर्ड/OTP जैसी सुरक्षा confirmation पूरी करें।
- लाभार्थी activation होने के बाद ही हस्तांतरण करें।
SBI की वर्तमान आधिकारिक FAQ लाभार्थी activation में cooling अवधि रखती है। exact समय स्क्रीन पर देखें, क्योंकि बैंक इसे बदल सकता है। किसी urgent भुगतान से ठीक पहले पहली बार लाभार्थी जोड़ना व्यावहारिक नहीं होता।
NEFT से पैसा भेजने की प्रक्रिया
- लॉगिन करके भुगतान/Transfers खोलें।
- Other बैंक हस्तांतरण चुनें।
- NEFT लेनदेन type चुनें।
- डेबिट खाता चुनें।
- सही लाभार्थी चुनें।
- राशि और remark भरें।
- खाता नंबर, लाभार्थी और राशि फिर जांचें।
- OTP/high-सुरक्षा authentication पूरा करें।
- संदर्भ नंबर सुरक्षित रखें।
RTGS से हस्तांतरण कैसे करें?
प्रक्रिया NEFT जैसा है, लेकिन RTGS चुनते समय राशि RBI/बैंक की वर्तमान minimum requirement पूरी करनी चाहिए। गलत purpose या लाभार्थी चुनने से पहले final confirmation स्क्रीन बहुत ध्यान से पढ़ें।
क्या ऑनलाइन NEFT/RTGS पर शुल्क लगता है?
SBI की retail इंटरनेट बैंकिंग FAQ में ऑनलाइन RTGS/NEFT पर सेवा शुल्क नहीं बताया गया है। फिर भी किसी special माध्यम या भविष्य नीति change के लिए लेनदेन स्क्रीन और वर्तमान schedule of शुल्क देखना उचित है।
गलत खाते में पैसा चला जाए तो क्या करें?
तुरंत SBI शाखा/ग्राहक सावधानी से संपर्क करें और लेनदेन संदर्भ दें। बैंक लाभार्थी बैंक से recovery प्रक्रिया शुरू करने में मदद कर सकता है, लेकिन successful हस्तांतरण स्वतः reverse होने की गारंटी नहीं होती। इसलिए भेजने से पहले खाता नंबर और IFSC की जांच सबसे महत्वपूर्ण है।
लंबित या विफल लेनदेन में क्या करें?
- लेनदेन history में status देखें।
- संदर्भ/UTR नंबर note करें।
- Receiver से credit सत्यापित करें कराएं।
- कुछ समय बाद खाता विवरण देखें।
- राशि डेबिट होकर credit न हो तो SBI grievance/ग्राहक सावधानी से शिकायत करें।
UPI और इंटरनेट बैंकिंग में अंतर
| बिंदु | इंटरनेट बैंकिंग | UPI |
|---|---|---|
| लॉगिन | उपयोगकर्ता ID/पासवर्ड | UPI ऐप/पिन |
| लाभार्थी | कई transfers में पहले जोड़ना पड़ सकता है | UPI ID/मोबाइल/QR से आसान |
| उपयोग | बड़े और विस्तृत बैंकिंग काम | रोजमर्रा के तेज भुगतान |
| विवरण/सेवाएं | व्यापक बैंक सेवाएं | मुख्यतः भुगतान/collection |
इंटरनेट बैंकिंग सुरक्षा के 10 नियम
- Google ad से लॉगिन पृष्ठ न खोलें; आधिकारिक पता स्वयं type करें।
- पासवर्ड और प्रोफाइल पासवर्ड अलग रखें।
- OTP किसी कॉल करने वाला को न बताएं।
- स्क्रीन sharing ऐप स्थापित करें न करें।
- Public Wi-Fi पर बैंकिंग से बचें।
- लेनदेन alert चालू रखें।
- लाभार्थी खाता नंबर दो बार जांचें।
- फर्जी धनवापसी link पर लॉगिन न करें।
- Browser में पासवर्ड save करने से बचें, खासकर shared computer पर।
- काम पूरा होने पर logout करें।
साइबर ठगी को समझने के लिए हैकिंग और साइबर सुरक्षा तथा सुरक्षित मोबाइल use के लिए मोबाइल फोन के फायदे और नुकसान पढ़ सकते हैं।
कब शाखा से हस्तांतरण बेहतर है?
बहुत बड़ी राशि, कानूनी documentation, inactive इंटरनेट बैंकिंग, खाता restriction या असामान्य लाभार्थी situation में शाखा से सहायता लेना बेहतर हो सकता है। बैंक कर्मचारी कभी भी आपका OTP या इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड नहीं पूछना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
SBI से दूसरे बैंक में ऑनलाइन पैसा भेज सकते हैं?
हाँ, NEFT, RTGS और IMPS जैसे माध्यम उपलब्ध हैं।
लाभार्थी जोड़ते ही हस्तांतरण हो जाता है?
हमेशा नहीं। सुरक्षा के लिए activation/cooling अवधि हो सकता है।
NEFT के लिए IFSC जरूरी है?
बैंक खाता आधारित NEFT हस्तांतरण में लाभार्थी बैंक शाखा का IFSC सामान्यतः आवश्यक होता है।
क्या RTGS छोटी राशि के लिए है?
RTGS में RBI द्वारा न्यूनतम राशि निर्धारित होती है; छोटी राशि के लिए NEFT/IMPS उपयोगी हो सकते हैं।
गलत खाता नंबर पर हस्तांतरण वापस आ जाएगा?
गारंटी नहीं। तुरंत बैंक से शिकायत करें।
SBI ऑनलाइन NEFT पर शुल्क है?
SBI की वर्तमान retail इंटरनेट बैंकिंग FAQ ऑनलाइन NEFT/RTGS पर सेवा शुल्क नहीं बताती; वर्तमान स्क्रीन जरूर जांचें।
निष्कर्ष
SBI इंटरनेट बैंकिंग से पैसा भेजना आसान है, लेकिन सुरक्षा और लाभार्थी accuracy सबसे महत्वपूर्ण हैं। NEFT सामान्य बैंक हस्तांतरण, RTGS बड़े मूल्य हस्तांतरण और IMPS तत्काल हस्तांतरण के लिए उपयोगी हैं। किसी भी बदलने वाले सीमा या समय पर पुराने blog की बजाय SBI की वर्तमान आधिकारिक स्क्रीन पर भरोसा करें।
विश्वसनीय स्रोत
कौन-सा भुगतान माध्यम कब उपयोगी है?
NEFT सामान्य बैंक हस्तांतरण के लिए उपयोगी है और यह चौबीसों घंटे उपलब्ध रहता है। RTGS अधिक राशि के त्वरित हस्तांतरण के लिए बनाया गया है और इसकी न्यूनतम राशि सामान्यतः ₹2 लाख होती है। IMPS तुरंत छोटे या मध्यम भुगतान के लिए उपयोगी है। UPI रोजमर्रा के छोटे भुगतान में बहुत सुविधाजनक है, लेकिन इसकी सीमा बैंक और उपयोग की स्थिति के अनुसार बदल सकती है।
सही तरीका चुनते समय केवल गति न देखें। राशि, लाभार्थी की जानकारी, बैंक की सीमा, शुल्क और भुगतान का उद्देश्य भी देखें। बड़ी राशि भेजने से पहले पहले छोटा परीक्षण भुगतान करना सुरक्षित तरीका हो सकता है।
लाभार्थी जोड़ते समय सबसे बड़ी सावधानी
खाता संख्या और IFSC गलत दर्ज होने पर पैसा गलत खाते में जा सकता है। बैंक कई बार केवल खाता संख्या के आधार पर प्रक्रिया करता है, इसलिए नाम दिखने मात्र पर भरोसा न करें। संख्या दो बार जांचें, खासकर जब किसी ने जानकारी संदेश या व्हाट्सऐप से भेजी हो।
हस्तांतरण विफल होने पर क्या करें?
- लेनदेन की स्थिति और संदर्भ संख्या लिख लें।
- खाता शेष और मिनी स्टेटमेंट जांचें।
- कुछ समय बाद दोबारा स्थिति देखें; तुरंत दूसरा भुगतान न करें।
- राशि कट गई लेकिन लाभार्थी को नहीं मिली तो बैंक के आधिकारिक शिकायत माध्यम में संदर्भ संख्या दें।
- OTP, पासवर्ड या स्क्रीन शेयर किसी तथाकथित सहायता एजेंट को न दें।
RTGS और अन्य भुगतान प्रणालियों में असफल लेनदेन के लिए वापसी और शिकायत के नियम मौजूद हैं। ग्राहक को केवल बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, शाखा या ऐप से सहायता लेनी चाहिए।
पैसा भेजने से पहले 30 सेकंड की जांच
- लाभार्थी का नाम और खाता संख्या दो बार पढ़ें।
- IFSC में अक्षर O और अंक 0 जैसी गलतियों से बचें।
- राशि में अतिरिक्त शून्य न लग गया हो, जांचें।
- लेनदेन का उद्देश्य सही चुनें जहां विकल्प हो।
- मोबाइल पर आया OTP स्वयं दर्ज करें, किसी को बताएं नहीं।
गलत खाते में पैसा चला जाए तो?
तुरंत बैंक को सूचित करें और लेनदेन संदर्भ संख्या दें। बैंक प्राप्तकर्ता बैंक से संपर्क कर सकता है, लेकिन गलत तरीके से भेजी गई राशि की वापसी हमेशा तत्काल या स्वचालित नहीं होती। इसलिए prevention सबसे महत्वपूर्ण है।
रात में NEFT या IMPS भेज सकते हैं?
डिजिटल NEFT और IMPS चौबीसों घंटे उपलब्ध हो सकते हैं, पर बैंक रखरखाव या तकनीकी समस्या के कारण थोड़े समय के लिए सेवा प्रभावित हो सकती है। बड़ी राशि के लिए cut-off की पुरानी जानकारी पर निर्भर न रहें; SBI की वर्तमान स्क्रीन और RBI नियम देखें।
मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग में अंतर
मोबाइल ऐप और इंटरनेट बैंकिंग दोनों से धन हस्तांतरण किया जा सकता है, लेकिन उनकी सुविधा अलग हो सकती है। मोबाइल ऐप रोजमर्रा के छोटे काम के लिए तेज है, जबकि कंप्यूटर पर इंटरनेट बैंकिंग में विस्तृत स्टेटमेंट, बड़े भुगतान या कुछ अतिरिक्त सेवाएं अधिक सुविधाजनक लग सकती हैं। ग्राहक को वही माध्यम चुनना चाहिए जिसमें वह सुरक्षा निर्देश समझता हो।
सुरक्षित बैंकिंग की पांच आदतें
- सार्वजनिक कंप्यूटर पर बैंकिंग न करें।
- ब्राउज़र में बैंक का पता स्वयं लिखें।
- लेनदेन के बाद लॉगआउट करें।
- संदिग्ध संदेश से आए लिंक पर क्लिक न करें।
- मोबाइल नंबर बदलने पर बैंक रिकॉर्ड तुरंत अद्यतन करें।

Other bank ac me paise kaise bheje