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काल किसे कहते हैं? वर्तमान, भूत, भविष्य काल और उदाहरण सहित अभ्यास

काल की परिभाषा, प्रकार, भेद Tense - Kaal in Hindi VYAKARAN
विषय सूची
  1. 1  काल की सामान्य परिभाषा
  2. 2  काल और समय में अंतर
  3. 3  काल के तीन प्रमुख भेद
  4. 4  वर्तमान काल
  5. 5  सामान्य वर्तमान काल
  6. 6  अपूर्ण वर्तमान काल
  7. 7  संदिग्ध वर्तमान काल
  8. 8  वर्तमान काल के उदाहरण
  9. 9  भूतकाल की परिभाषा
  10. 10  सामान्य भूतकाल
  11. 11  आसन्न भूतकाल
  12. 12  पूर्ण भूतकाल
  13. 13  अपूर्ण भूतकाल
  14. 14  संदिग्ध भूतकाल
  15. 15  हेतुहेतुमद भूतकाल
  16. 16  भूतकाल के वाक्य अभ्यास
  17. 17  भविष्यत् काल
  18. 18  सामान्य भविष्यत् काल
  19. 19  संभाव्य भविष्यत् काल
  20. 20  काल के साथ लिंग और वचन
  21. 21  सहायक क्रिया की भूमिका
  22. 22  काल और क्रिया के पक्ष
  23. 23  वर्तमान रूप से भविष्य का अर्थ
  24. 24  गलतियों से बचें
  25. 25  वाक्य परिवर्तन अभ्यास
  26. 26  दस प्रश्नों का अभ्यास
  27. 27  प्रश्नों के संकेत
  28. 28  अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
  29. 29  निष्कर्ष

हिंदी व्याकरण में काल क्रिया से जुड़े समय का बोध कराता है। किसी घटना के होने, चलने या भविष्य में होने की संभावना समझने के लिए काल महत्वपूर्ण है। जैसे ‘वह पढ़ता है’, ‘वह पढ़ रहा था’ और ‘वह पढ़ेगा’ वाक्यों में समय का भाव बदल जाता है। स्कूल में प्रायः वर्तमान काल, भूतकाल और भविष्यत् काल तीन मुख्य भेद पढ़ाए जाते हैं। इनके भीतर अलग उपभेद भी हैं, जिनका वर्गीकरण पाठ्यपुस्तक के अनुसार बदल सकता है। यहाँ नए उदाहरण और अभ्यास से अर्थ स्पष्ट किया गया है।

काल की सामान्य परिभाषा

क्रिया के जिस रूप से काम के समय या समय से जुड़े अर्थ का बोध होता है, उसे हिंदी व्याकरण में काल कहते हैं। ‘माया लिखती है’ सामान्य वर्तमान, ‘माया ने लिखा’ भूतकाल और ‘माया लिखेगी’ भविष्यत् काल का भाव देते हैं। लेकिन केवल क्रिया का एक शब्द देखना पर्याप्त नहीं; सहायक क्रिया और वाक्य का संदर्भ भी समय बता सकता है। कई बार वर्तमान रूप से भविष्य का अर्थ भी व्यक्त होता है।

काल और समय में अंतर

समय वास्तविक घटनाओं का क्रम समझने में मदद करता है, जबकि व्याकरणिक काल भाषा का एक रूपात्मक तथा अर्थगत साधन है। ‘कल’ शब्द वाक्य में बीता दिन या आने वाला दिन दर्शा सकता है। इसलिए ‘मैं कल गया था’ और ‘मैं कल जाऊँगा’ में क्रिया के रूप से अंतर स्पष्ट होता है। छात्रों को यह समझना चाहिए कि हर समयसूचक शब्द स्वयं क्रिया का काल नहीं है।

काल के तीन प्रमुख भेद

विद्यालयों में वर्तमान काल, भूतकाल और भविष्यत् काल को तीन मुख्य भेद बताया जाता है। वर्तमान में अभी या सामान्य समय में होने वाले काम का संकेत हो सकता है। भूतकाल बीती घटना बताता है और भविष्यत् काल आगे होने वाली घटना या उसके बारे में अनुमान दे सकता है। उपभेद में पूर्णता, निरंतरता और अनिश्चितता के विचार जुड़े होते हैं। सही प्रयोग के लिए पूरा वाक्य पढ़ना जरूरी है।

वर्तमान काल

वर्तमान काल से वर्तमान समय या सामान्य वर्तमान की गतिविधि का बोध होता है। ‘वह प्रतिदिन विद्यालय जाता है’ सामान्य आदत है। ‘वह अभी विद्यालय जा रहा है’ वर्तमान में चलती गतिविधि बताता है। ‘पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है’ सामान्य तथ्य के लिए वर्तमान रूप है। इसलिए वर्तमान काल केवल इस क्षण हो रही गतिविधि तक सीमित नहीं होता।

सामान्य वर्तमान काल

जब कोई क्रिया सामान्य रूप से, आदत के अनुसार या प्रचलित तथ्य के रूप में कही जाती है, तब सामान्य वर्तमान का प्रयोग होता है। ‘रीना रोज पढ़ती है’, ‘किसान खेत में काम करते हैं’ और ‘हम सुबह पानी पीते हैं’ उदाहरण हैं। ऐसी क्रिया जरूरी नहीं कि बोलते समय उसी क्षण चल रही हो। नियमित आदत समझने के लिए ‘रोज’, ‘अक्सर’ जैसे शब्द मदद कर सकते हैं, लेकिन हमेशा आवश्यक नहीं।

अपूर्ण वर्तमान काल

जब क्रिया वर्तमान संदर्भ में चल रही हो तो अपूर्ण वर्तमान के रूप का प्रयोग होता है। जैसे ‘बच्चे खेल रहे हैं’, ‘मैं पत्र लिख रहा हूँ’ और ‘वे गीत गा रही हैं’। यहाँ ‘रहा’, ‘रही’, ‘रहे’ और सहायक क्रिया मिलकर जारी क्रिया का भाव देते हैं। लिंग तथा वचन के अनुसार रूप बदल सकते हैं। हर ‘रहा’ शब्द वाला वाक्य एक ही अर्थ में हो, यह जरूरी नहीं; प्रसंग महत्वपूर्ण है।

संदिग्ध वर्तमान काल

कुछ विद्यालयी वर्गीकरणों में वर्तमान के अनुमान या अनिश्चितता वाले रूप को संदिग्ध वर्तमान कहा जाता है। उदाहरण: ‘वह इस समय पढ़ता होगा।’ वक्ता निश्चित जानकारी के बजाय अनुमान व्यक्त करता है। इसका अर्थ क्रिया के वास्तविक समय की पूरी पुष्टि नहीं है। ऐसे रूपों को काल तथा भाव के संबंध में अलग पुस्तकों में भिन्न ढंग से समझाया जा सकता है। इसलिए अपनी पाठ्यपुस्तक की परिभाषा भी पढ़ें।

वर्तमान काल के उदाहरण

‘शिक्षक पढ़ाते हैं’, ‘मछलियाँ पानी में तैरती हैं’, ‘कविता रसोई में भोजन बना रही है’, ‘मैं अभी समाचार पढ़ रहा हूँ’ और ‘शायद वह घर पर होता होगा’ जैसे वाक्यों से सामान्य क्रिया, जारी गतिविधि तथा अनुमान के भेद समझे जा सकते हैं। विद्यार्थी प्रत्येक में क्रिया और सहायक क्रिया रेखांकित करें। फिर देखें कि कथन आदत है, इस समय चल रहा काम या अनुमान।

भूतकाल की परिभाषा

भूतकाल ऐसी घटना या अवस्था का संकेत करता है जो बोलने के समय से पहले घट चुकी या पहले मौजूद थी। ‘रवि कल आया’, ‘बच्चा खेल रहा था’ और ‘मैं पुस्तक पढ़ चुका था’ अलग भूतकालीन अर्थ देते हैं। सिर्फ ‘था’ देखकर सभी वाक्यों का उपभेद समान नहीं मानना चाहिए। समय, क्रिया की पूर्णता तथा संदर्भ के आधार पर भूतकाल के रूप अलग होते हैं।

सामान्य भूतकाल

किसी बीती घटना का साधारण उल्लेख करने के लिए सामान्य भूतकाल उपयोग होता है। जैसे ‘सीमा गई’, ‘हमने भोजन किया’ और ‘वर्षा हुई’। ये वाक्य काम के बीत जाने का संकेत देते हैं, लेकिन विस्तृत समय नहीं बताते। ‘कल’, ‘पिछले सप्ताह’ या ‘साल पहले’ जोड़ने से समय अधिक स्पष्ट हो सकता है। उदाहरण बनाते समय कर्ता तथा क्रिया के सही मेल का ध्यान रखें।

आसन्न भूतकाल

कुछ पाठ्यपुस्तकों में हाल में पूर्ण हुए काम के रूप को आसन्न भूतकाल कहा जाता है। उदाहरण: ‘वह अभी आया है’ या ‘मैं खाना खा चुका हूँ’। इनमें घटना पूरी हुई है, लेकिन उसका संबंध वर्तमान संदर्भ से दिखाई देता है। सभी व्याकरण ग्रंथ इस भेद को समान नाम तथा सीमा में नहीं रखते। इसलिए परीक्षा में अपने पाठ्यक्रम का वर्गीकरण देखें।

पूर्ण भूतकाल

जब किसी बीती घटना के पहले ही कोई काम पूरा हो चुका था, तो उसके लिए पूर्ण भूतकाल के रूप का प्रयोग हो सकता है। उदाहरण: ‘मैं पहुँचा तो ट्रेन जा चुकी थी।’ दूसरे काम के पहले ट्रेन के जाने का संकेत मिलता है। ‘उन्होंने पुस्तक पढ़ ली थी’ भी पूर्णता का भाव देता है। घटना का क्रम समझने के लिए दो वाक्यों की तुलना करें।

अपूर्ण भूतकाल

भूतकाल में किसी जारी गतिविधि का वर्णन करने के लिए अपूर्ण भूतकाल उपयोग होता है। जैसे ‘बच्चे मैदान में खेल रहे थे’, ‘वह गीत गा रही थी’ और ‘जब फोन आया, मैं पढ़ रहा था’। ऐसे वाक्य पहले की किसी अवधि में चल रहे काम को बताते हैं। सहायक क्रिया और ‘रहा’ के अलग रूप लिंग तथा वचन से प्रभावित होते हैं।

संदिग्ध भूतकाल

बीती घटना के बारे में अनुमान व्यक्त करने वाले कुछ रूपों को विद्यालयी व्याकरण में संदिग्ध भूतकाल बताया जा सकता है। उदाहरण: ‘वह अब तक घर पहुँच गया होगा।’ यहाँ वक्ता के पास निश्चित जानकारी नहीं है। यह क्रिया का रूप अनुमान और पहले पूरी हो चुकी घटना की संभावना दोनों प्रकट करता है। ऐसे प्रयोगों को कुछ आधुनिक विश्लेषणों में काल और भाव के अलग प्रश्न के रूप में समझा जाता है।

हेतुहेतुमद भूतकाल

कुछ परंपरागत हिंदी व्याकरण पुस्तकों में भूतकाल का एक उपभेद हेतुहेतुमद नाम से पढ़ाया जाता है। यह किसी ऐसी शर्त या कारण से संबंधित होता है जो घटित नहीं हुआ, इसलिए अपेक्षित परिणाम भी नहीं हुआ। उदाहरण: ‘यदि वर्षा हुई होती तो खेत भीग गए होते।’ यहाँ वास्तविक घटना नहीं, एक काल्पनिक भूतकालीन संभावना व्यक्त है। इसका विश्लेषण अपनी पाठ्यपुस्तक की परिभाषा से मिलाएँ।

भूतकाल के वाक्य अभ्यास

‘वह कल दिल्ली गया’, ‘हम खाना खा रहे थे’, ‘बच्ची घर पहुँच चुकी थी’ और ‘शायद उसने पत्र भेज दिया होगा’ जैसे वाक्य लिखें। पहले क्रिया की पहचान करें और फिर तय करें कि बीती घटना सामान्य, जारी, पूर्ण या अनुमानित थी। कुछ उदाहरण अलग पुस्तकों में भिन्न नाम से समझाए जा सकते हैं। कारण स्पष्ट करना केवल नाम याद रखने से अधिक उपयोगी है।

भविष्यत् काल

भविष्यत् काल आने वाले समय की क्रिया, घटना या संभावना व्यक्त करता है। ‘मैं कल जाऊँगा’, ‘वह अगले महीने परीक्षा देगी’ और ‘हम शाम को मिलेंगे’ उदाहरण हैं। भविष्य में क्या होगा, इसकी वास्तविक निश्चितता भाषा के रूप से पूरी तरह सिद्ध नहीं होती। क्रिया का रूप वक्ता की योजना या अनुमान भी दर्शा सकता है। वाक्य का संदर्भ देखकर भाव समझें।

सामान्य भविष्यत् काल

आने वाले समय में काम होने का साधारण कथन सामान्य भविष्यत् काल में किया जा सकता है। जैसे ‘वह पत्र लिखेगा’, ‘बच्चे कल खेलेंगे’ और ‘रीना अगले सप्ताह लौटेगी’। ‘गा’, ‘गी’, ‘गे’ से जुड़े रूप कई सरल उदाहरणों में मिलते हैं। इनका प्रयोग लिंग, वचन तथा क्रिया की बनावट के अनुसार बदल सकता है। हर भविष्य संदर्भ केवल इसी रूप से व्यक्त नहीं होता।

संभाव्य भविष्यत् काल

भविष्य में किसी कार्य की संभावना या इच्छा बताने वाले रूपों को कुछ विद्यालयी पुस्तकों में संभाव्य भविष्यत् काल कहा जाता है। उदाहरण: ‘संभव है वह कल आए’ और ‘शायद हम समय पर पहुँचें’। यहाँ निश्चित तथ्य के बजाय संभावना का भाव है। भविष्यत् समय तथा संभावना का अंतर समझें। अपनी पाठ्यपुस्तक में यदि उपभेदों का दूसरा वर्गीकरण हो तो उसी के अनुसार उदाहरण चुनें।

काल के साथ लिंग और वचन

हिंदी क्रिया के कई रूप कर्ता या अन्य वाक्य संरचना के अनुसार बदलते हैं। ‘वह जाता है’, ‘वह जाती है’ और ‘वे जाते हैं’ में यह अंतर स्पष्ट है। इसी प्रकार ‘गया’, ‘गई’ तथा ‘गए’ भूतकाल से जुड़े रूप हैं। केवल समय समझना पर्याप्त नहीं; वाक्य का व्याकरणिक मेल भी देखना आवश्यक है। कुछ संरचनाओं में क्रिया का सामंजस्य जटिल होता है।

सहायक क्रिया की भूमिका

है, हूँ, हैं, था, थी, थे जैसे शब्द मुख्य क्रिया के साथ समय या पक्ष स्पष्ट करने में सहायता करते हैं। ‘मैं लिखता हूँ’ और ‘मैं लिख रहा हूँ’ में काम की प्रकृति का अंतर है। ‘मैं लिख रहा था’ उसी जारी काम को भूतकाल में प्रस्तुत करता है। विद्यार्थियों को मुख्य तथा सहायक क्रिया अलग पहचानने का अभ्यास करना चाहिए। कुछ सरल वाक्यों में सहायक क्रिया स्पष्ट रूप से नहीं आती।

काल और क्रिया के पक्ष

किसी काम के पूरा होने, चलने या आदतन होने के अर्थ को कई भाषावैज्ञानिक विश्लेषणों में पक्ष से जोड़ा जाता है। विद्यालयी व्याकरण में इन रूपों को काल के उपभेद के रूप में पढ़ाया जा सकता है। यह अंतर समझना उपयोगी है, क्योंकि समय और काम की पूर्णता एक ही बात नहीं हैं। ‘पढ़ा’ तथा ‘पढ़ रहा था’ में दोनों भूतकालीन संदर्भ हो सकते हैं, पर क्रिया का प्रस्तुत रूप अलग है।

वर्तमान रूप से भविष्य का अर्थ

‘मैं कल दिल्ली जा रहा हूँ’ में वर्तमान जैसा दिखाई देने वाला क्रिया रूप भविष्य की नियोजित यात्रा बता सकता है। ‘स्कूल कल खुल रहा है’ में भी ऐसा अर्थ संभव है। इसलिए केवल एक प्रत्यय देखकर समय का अर्थ तय करना हमेशा पर्याप्त नहीं। काल की व्याख्या में समयसूचक शब्द, बोलने की स्थिति और योजना का संदर्भ महत्वपूर्ण हो सकता है।

गलतियों से बचें

हर ‘है’ वाले वाक्य को सामान्य वर्तमान कहना उचित नहीं। ‘वह अभी पढ़ रहा है’ जारी गतिविधि बताता है। हर ‘होगा’ वाला वाक्य निश्चित भविष्य भी नहीं; ‘वह घर पहुँचा होगा’ अनुमानित बीती घटना हो सकती है। विद्यार्थियों को मुख्य क्रिया, सहायक क्रिया और समयसूचक शब्दों की संयुक्त भूमिका पहचाननी चाहिए। नए वाक्य बनाकर देखना सबसे अच्छा अभ्यास है।

वाक्य परिवर्तन अभ्यास

वर्तमान ‘मैं कहानी पढ़ता हूँ’ को भूतकाल में ‘मैंने कहानी पढ़ी’ और भविष्य में ‘मैं कहानी पढ़ूँगा’ लिखा जा सकता है। ‘बच्चे खेल रहे हैं’ को ‘बच्चे खेल रहे थे’ तथा ‘बच्चे खेल रहे होंगे’ से तुलना करें। प्रत्येक रूप में समय और पूर्णता के संकेत बदलते हैं। बदलते हुए वाक्यों में अर्थ समान रखना हर बार संभव नहीं, इसलिए कारण समझाएँ।

दस प्रश्नों का अभ्यास

एक: मैं रोज स्कूल जाता हूँ। दो: वह आज पढ़ रही है। तीन: बच्चे कल आए। चार: ट्रेन जा चुकी थी। पाँच: मैं कल जाऊँगा। छह: शायद वह आए। सात: जब तुम आए, मैं सो रहा था। आठ: वह घर पहुँच गया होगा। नौ: हम भोजन करते हैं। दस: वे अगले वर्ष लौटेंगे। हर वाक्य में समय तथा उपभेद समझाएँ।

प्रश्नों के संकेत

पहले और नौवें में सामान्य वर्तमान, दूसरे में अपूर्ण वर्तमान, तीसरे में सामान्य भूतकाल और चौथे में पूर्ण भूतकाल का भाव है। पाँचवें तथा दसवें में भविष्यत् काल है। छठे में संभावना दिखाई देती है। सातवें में भूतकाल में जारी काम है। आठवें में पूर्ण हुई घटना के बारे में अनुमान हो सकता है। यह अभ्यास अर्थ समझाने के लिए है; नाम पाठ्यक्रम अनुसार अलग हो सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काल के कितने मुख्य भेद हैं? सामान्यतः तीन—वर्तमान, भूत और भविष्यत्। क्या ‘कल’ हमेशा आने वाला दिन होता है? नहीं, बीता दिन भी हो सकता है। क्या सहायक क्रिया महत्वपूर्ण है? हाँ। क्या उपभेद की संख्या सभी किताबों में समान है? नहीं। क्या किसी वाक्य में वर्तमान रूप भविष्य की बात बता सकता है? हाँ, संदर्भ से ऐसा संभव है।

निष्कर्ष

काल का अध्ययन क्रिया के समय और उसकी प्रस्तुति समझने में मदद करता है। वर्तमान, भूत तथा भविष्यत् के सरल उदाहरणों से शुरुआत करें और फिर जारी, पूर्ण तथा संभाव्य घटनाओं के बीच अंतर सीखें। किसी वाक्य की व्याख्या करते समय मुख्य क्रिया, सहायक क्रिया और संदर्भ देखें। रटने के बजाय अपने वाक्य बनाने से काल की समझ मजबूत होती है।

टिप्पणियाँ (15)

15 टिप्पणियाँ

  1. It is helpful but please do write it in English so that some kids who don’t understand may understand thank you.

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