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DigiLocker क्या है? अकाउंट, दस्तावेज, डाउनलोड, शेयर और सुरक्षा की पूरी जानकारी

डिजी लॉकर क्या है पूरी जानकारी What is DigiLocker and How to Use it?
विषय सूची
  1. 1  DigiLocker क्या है?
  2. 2  DigiLocker के मुख्य भाग कौन-कौन से हैं?
  3. 3  Issued Document और Uploaded Document में क्या अंतर है?
  4. 4  DigiLocker अकाउंट कैसे बनाएं?
  5. 5  क्या DigiLocker के लिए Aadhaar अनिवार्य है?
  6. 6  DigiLocker से दस्तावेज कैसे प्राप्त करें?
  7. 7  कौन-कौन से दस्तावेज मिल सकते हैं?
  8. 8  क्या DigiLocker के डिजिटल दस्तावेज वैध हैं?
  9. 9  अपने दस्तावेज DigiLocker Drive में कैसे अपलोड करें?
  10. 10  DigiLocker दस्तावेज कैसे शेयर करें?
  11. 11  DigiLocker में दस्तावेज की सत्यता कैसे जांची जाती है?
  12. 12  DigiLocker और Google Drive में क्या अंतर है?
  13. 13  DigiLocker और mParivahan में क्या अंतर है?
  14. 14  DigiLocker का उपयोग पढ़ाई में कैसे होता है?
  15. 15  DigiLocker सुरक्षित है?
  16. 16  DigiLocker में नाम गलत हो तो क्या करें?
  17. 17  DigiLocker का पासवर्ड या PIN भूल जाएं तो?
  18. 18  सरकारी योजनाओं में DigiLocker कैसे उपयोगी है?
  19. 19  फर्जी DigiLocker संदेश से कैसे बचें?
  20. 20  अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
  21. 21  निष्कर्ष
  22. 22  आधिकारिक स्रोत

डिजिलॉकर भारत सरकार की डिजिटल दस्तावेज सेवा है, जिसकी मदद से नागरिक सरकारी और अन्य अधिकृत संस्थाओं से जारी इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज अपने डिजिटल वॉलेट में प्राप्त, देख और साझा कर सकते हैं। ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, शैक्षिक प्रमाणपत्र और अनेक दूसरे दस्तावेज उपलब्ध हो सकते हैं, बशर्ते संबंधित जारीकर्ता संस्था डिजिलॉकर से जुड़ी हो।

पुराने ट्यूटोरियल में डिजिलॉकर को केवल “क्लाउड स्टोरेज” की तरह दिखाया जाता था और 2018 के स्क्रीनशॉट, पुराने यूजरनेम-पासवर्ड चरण तथा हर अपलोड की गई फाइल को सरकारी डिजिटल दस्तावेज जैसा बताया जाता था। यह अधूरा है। 2026 में सबसे महत्वपूर्ण अंतर है—Issued Documents सीधे अधिकृत जारीकर्ता से आते हैं, जबकि DigiLocker Drive में आप अपनी फाइल स्वयं अपलोड करते हैं। दोनों की प्रमाणिकता एक जैसी नहीं मानी जानी चाहिए।

DigiLocker क्या है?

डिजिलॉकर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की प्रमुख पहल है। इसे राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग और डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन से तकनीकी समर्थन मिलता है। इसका उद्देश्य नागरिकों को प्रामाणिक डिजिटल दस्तावेज तक सुरक्षित पहुंच देना, कागजी प्रतियों पर निर्भरता कम करना और दस्तावेज साझा तथा सत्यापित करना आसान बनाना है।

आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार सितंबर 2026 तक प्लेटफॉर्म पर 70 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता और 900 करोड़ से अधिक जारी दस्तावेज दर्ज हैं। ये आंकड़े समय के साथ बदलते रहते हैं, इसलिए ताजा संख्या के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें।

DigiLocker के मुख्य भाग कौन-कौन से हैं?

भागकाम
होमअकाउंट का सार और उपलब्ध सेवाओं का प्रवेश बिंदु
जारी दस्तावेजसरकारी या अन्य अधिकृत जारीकर्ता से सीधे मिले इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज
DigiLocker Driveउपयोगकर्ता द्वारा स्वयं अपलोड की गई निजी फाइलें
गतिविधिअपलोड, डाउनलोड और साझा करने जैसी गतिविधियों का रिकॉर्ड

Issued Document और Uploaded Document में क्या अंतर है?

यह डिजिलॉकर समझने की सबसे जरूरी बात है। जारी दस्तावेज सीधे उस विभाग, बोर्ड, विश्वविद्यालय या दूसरी अधिकृत संस्था के मूल डिजिटल स्रोत से आपके खाते में आते हैं। उनके साथ एक विशिष्ट यूआरआई यानी डिजिटल पहचान लिंक होता है और इन्हें इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्रमाणित दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जा सकता है।

इसके विपरीत DigiLocker Drive में आपने स्वयं जो पीडीएफ, फोटो या स्कैन अपलोड किया है, वह आपकी व्यक्तिगत डिजिटल प्रति है। केवल उसे अपलोड कर देने से वह संबंधित सरकारी विभाग द्वारा जारी प्रमाणित इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज नहीं बन जाती। आधिकारिक कार्य में जहां उपलब्ध हो, “Issued Documents” अनुभाग से प्राप्त दस्तावेज उपयोग करना बेहतर है।

DigiLocker अकाउंट कैसे बनाएं?

वर्तमान डिजिलॉकर सहायता जानकारी के अनुसार पंजीकरण मोबाइल या आधार संख्या के माध्यम से शुरू किया जा सकता है। मोबाइल या आधार का एक बार उपयोग होने वाले पासवर्ड से सत्यापन करने के बाद सुरक्षा पिन बनाया जाता है, जो दो-स्तरीय प्रमाणीकरण में काम आता है।

  1. आधिकारिक डिजिलॉकर वेबसाइट या अधिकृत मोबाइल ऐप खोलें।
  2. नया अकाउंट बनाने का विकल्प चुनें।
  3. मांगी गई मोबाइल या पहचान जानकारी दर्ज करें।
  4. मोबाइल पर आए एक बार उपयोग होने वाले पासवर्ड से सत्यापन करें।
  5. सुरक्षा पिन बनाएं और उसे किसी से साझा न करें।
  6. अकाउंट बनने के बाद उपलब्ध पहचान सत्यापन पूरा करें।
  7. अब आप जारीकर्ता संस्थाओं से दस्तावेज खोज और प्राप्त कर सकते हैं।

पंजीकरण का इंटरफेस वेबसाइट और ऐप के संस्करण के अनुसार बदल सकता है। पुराने स्क्रीनशॉट देखकर ठीक वही बटन खोजने की बजाय “साइन अप”, “सत्यापन” और “दस्तावेज प्राप्त करें” जैसे मुख्य चरण समझना अधिक उपयोगी है।

क्या DigiLocker के लिए Aadhaar अनिवार्य है?

अकाउंट बनाने के विकल्प समय के साथ विस्तृत हुए हैं और केवल आधार को हर स्थिति में अनिवार्य कहना सही नहीं है। वर्तमान उपयोग की शर्तों में भारतीय मोबाइल नंबर के साथ ड्राइविंग लाइसेंस, पैन या आधार जैसी पहचान के माध्यम से उपयोगकर्ता पंजीकरण/सत्यापन के विकल्प का उल्लेख है।

हालांकि आधार से जुड़े कुछ दस्तावेज या सेवाएं प्राप्त करने के लिए आधार और उससे जुड़े मोबाइल की जरूरत पड़ सकती है। आधार में मोबाइल या अन्य जानकारी बदलनी हो तो आधार कार्ड की वर्तमान अपडेट प्रक्रिया पढ़ सकते हैं।

DigiLocker से दस्तावेज कैसे प्राप्त करें?

हर दस्तावेज स्वतः नहीं आता। कई दस्तावेज आपको संबंधित जारीकर्ता खोजकर आवश्यक विवरण के साथ “fetch” या प्राप्त करने होते हैं।

  1. डिजिलॉकर में लॉग इन करें।
  2. दस्तावेज खोज या जारीकर्ता खोज अनुभाग खोलें।
  3. संबंधित विभाग, बोर्ड, विश्वविद्यालय या संस्था चुनें।
  4. चाहे गए दस्तावेज का प्रकार चुनें।
  5. रोल नंबर, लाइसेंस नंबर, वाहन नंबर या मांगी गई अन्य पहचान दर्ज करें।
  6. सहमति और सत्यापन पूरा करें।
  7. मिलने पर दस्तावेज “Issued Documents” अनुभाग में जुड़ जाएगा।

कौन-सा दस्तावेज उपलब्ध होगा यह जारीकर्ता के डिजिलॉकर से एकीकरण पर निर्भर करता है। यदि आपका बोर्ड, विश्वविद्यालय या विभाग सूची में नहीं है, तो सेवा उपलब्ध न भी हो सकती है।

कौन-कौन से दस्तावेज मिल सकते हैं?

उपलब्धता राज्य, वर्ष और जारीकर्ता संस्था के अनुसार बदलती है। सामान्य श्रेणियों में ये दस्तावेज मिल सकते हैं:

  • ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण से जुड़े रिकॉर्ड
  • कक्षा 10 और 12 की अंकतालिका तथा प्रमाणपत्र
  • कुछ विश्वविद्यालयों के डिग्री और शैक्षिक दस्तावेज
  • कौशल और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रमाणपत्र
  • कुछ राज्य सरकारों के जाति, निवास या अन्य ई-जिला दस्तावेज
  • स्वास्थ्य, सार्वजनिक क्षेत्र और अन्य एकीकृत संस्थाओं के दस्तावेज

किसी विशेष दस्तावेज की उपलब्धता पहले डिजिलॉकर की जारीकर्ता सूची में जांचें। यह मानकर न चलें कि भारत का हर प्रमाणपत्र वहां अनिवार्य रूप से मिलेगा।

क्या DigiLocker के डिजिटल दस्तावेज वैध हैं?

अधिकृत जारीकर्ता से डिजिलॉकर में प्राप्त इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज इलेक्ट्रॉनिक उपयोग में मूल भौतिक दस्तावेज के समकक्ष वैध माने जाते हैं, जहां संबंधित नियम और संस्था उन्हें स्वीकार करती है। डिजिलॉकर स्वयं भी आधिकारिक रूप से जारी दस्तावेज और उपयोगकर्ता द्वारा अपलोड की गई फाइल में स्पष्ट अंतर बताता है।

यदि किसी कार्यालय में कर्मचारी डिजिटल दस्तावेज स्वीकार करने से मना करे, तो संबंधित सेवा की वर्तमान सरकारी नीति जांचें। हर निजी परिस्थिति में केवल स्क्रीनशॉट दिखाना पर्याप्त नहीं हो सकता; दस्तावेज का सत्यापन योग्य डिजिटल रूप साझा करना बेहतर है।

अपने दस्तावेज DigiLocker Drive में कैसे अपलोड करें?

  1. DigiLocker Drive या अपलोड अनुभाग खोलें।
  2. अपलोड बटन चुनें।
  3. मोबाइल या कंप्यूटर से फाइल चुनें।
  4. फाइल का नाम और दस्तावेज प्रकार सही रखें।
  5. अपलोड पूरा होने के बाद फाइल को व्यवस्थित करें।

अपलोड की गई स्कैन प्रति निजी संग्रह के लिए सुविधाजनक है, लेकिन उसे जारीकर्ता से प्राप्त प्रमाणित डिजिटल दस्तावेज न समझें।

DigiLocker दस्तावेज कैसे शेयर करें?

डिजिलॉकर में उपलब्ध दस्तावेज को जरूरत के अनुसार डाउनलोड या साझा किया जा सकता है। साझा करने की सुविधा दस्तावेज और ऐप संस्करण के अनुसार लिंक, पीडीएफ या अधिकृत डिजिटल आदान-प्रदान के रूप में हो सकती है। आधिकारिक उपयोग में केवल फोटो खींचकर भेजने की बजाय सत्यापन योग्य जारी दस्तावेज साझा करना बेहतर है।

DigiLocker में दस्तावेज की सत्यता कैसे जांची जाती है?

जारी दस्तावेज सीधे मूल जारीकर्ता की डिजिटल प्रणाली से जुड़े होते हैं और उनके साथ विशिष्ट पहचान लिंक होता है। अधिकृत संस्थाएं डिजिलॉकर की सत्यापन प्रणाली के माध्यम से उनकी प्रामाणिकता जांच सकती हैं। इसी कारण ये साधारण स्कैन फाइल से अधिक भरोसेमंद होते हैं।

DigiLocker और Google Drive में क्या अंतर है?

आधारDigiLockerसामान्य क्लाउड ड्राइव
मुख्य उद्देश्यप्रामाणिक डिजिटल दस्तावेज प्राप्त, साझा और सत्यापित करनासामान्य फाइल संग्रह और साझाकरण
सरकारी जारीकर्ता से सीधा दस्तावेजहाँ, एकीकृत जारीकर्ताओं सेसामान्यतः नहीं
स्वयं फाइल अपलोडहाँहाँ
दस्तावेज की सरकारी प्रमाणिकताIssued Documents में उपलब्धफाइल अपलोड करने से स्वतः नहीं

DigiLocker और mParivahan में क्या अंतर है?

डिजिलॉकर कई विभागों के अलग-अलग प्रकार के दस्तावेजों का डिजिटल वॉलेट है। परिवहन से जुड़ी सेवाएं और दस्तावेज मपरिवहन जैसे विशेष सरकारी मंच पर भी उपलब्ध हो सकते हैं। ड्राइविंग लाइसेंस या आरसी के लिए कौन-सा माध्यम स्वीकार्य है, यह वर्तमान परिवहन नियमों और उपयोग की स्थिति पर निर्भर करता है।

DigiLocker का उपयोग पढ़ाई में कैसे होता है?

कई शिक्षा बोर्ड और संस्थान डिजिलॉकर से अंकतालिका तथा प्रमाणपत्र जारी करते हैं। कॉलेज प्रवेश, नौकरी आवेदन या दूसरे शैक्षिक सत्यापन में यह उपयोगी हो सकता है। फिर भी आवेदन की शर्त पढ़ें—यदि संस्था विशेष प्रारूप, मूल सत्यापन या अलग पोर्टल मांगती है, तो उसी का पालन करना होगा।

डिजिटल शिक्षा के व्यापक संदर्भ के लिए डिजिटल इंडिया पर लेख भी पढ़ सकते हैं।

DigiLocker सुरक्षित है?

डिजिलॉकर सरकारी डिजिटल मंच है और आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इसकी सूचना सुरक्षा व्यवस्था आईएसओ/आईईसी 27001:2022 जैसे मानकों के अनुरूप है। फिर भी किसी भी ऑनलाइन सेवा की सुरक्षा में उपयोगकर्ता की आदत महत्वपूर्ण होती है।

  • ओटीपी और सुरक्षा पिन किसी को न बताएं।
  • केवल आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का उपयोग करें।
  • सार्वजनिक कंप्यूटर पर लॉग इन करने से बचें।
  • संदिग्ध “KYC अपडेट” या “DigiLocker बंद होगा” लिंक न खोलें।
  • फोन खो जाए तो स्क्रीन लॉक और सिम सुरक्षा का उपयोग करें।
  • दस्तावेज केवल जरूरत वाले व्यक्ति या संस्था से साझा करें।
  • डाउनलोड की गई पीडीएफ को असुरक्षित सार्वजनिक फोल्डर में न छोड़ें।

DigiLocker में नाम गलत हो तो क्या करें?

यदि जारी दस्तावेज में नाम, जन्मतिथि या अन्य जानकारी गलत है, तो केवल डिजिलॉकर में उसे संपादित करने से मूल रिकॉर्ड नहीं बदलेगा। आपको संबंधित जारीकर्ता—जैसे बोर्ड, परिवहन विभाग या विश्वविद्यालय—के मूल रिकॉर्ड में सुधार कराना होगा। सुधार के बाद दस्तावेज दोबारा प्राप्त करना पड़ सकता है।

आधार या पैन से जुड़ी गलती के लिए आधार सुधार और पैन कार्ड की मार्गदर्शिका देख सकते हैं।

DigiLocker का पासवर्ड या PIN भूल जाएं तो?

लॉगिन पृष्ठ पर उपलब्ध पुनर्प्राप्ति विकल्प का उपयोग करें। पंजीकृत मोबाइल या अन्य सत्यापन की जरूरत हो सकती है। सहायता के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को दूरस्थ स्क्रीन नियंत्रण न दें और ओटीपी साझा न करें।

सरकारी योजनाओं में DigiLocker कैसे उपयोगी है?

जहां किसी योजना या आवेदन पोर्टल में डिजिलॉकर आधारित दस्तावेज स्वीकार किए जाते हैं, वहां कागजी स्कैन अपलोड करने की जरूरत कम हो सकती है। उदाहरण के लिए पहचान, शिक्षा या दूसरे जारी प्रमाणपत्र सीधे प्राप्त किए जा सकते हैं। लेकिन हर सरकारी योजना में DigiLocker अनिवार्य नहीं है।

यदि आप आवास या रोजगार योजना के दस्तावेज तैयार कर रहे हैं तो प्रधानमंत्री आवास योजना और डीडीयू-जीकेवाई की वर्तमान जानकारी भी पढ़ सकते हैं।

फर्जी DigiLocker संदेश से कैसे बचें?

  1. वेबसाइट पता स्वयं टाइप करें या आधिकारिक ऐप खोलें।
  2. “दस्तावेज ब्लॉक हो जाएगा” कहकर भेजे लिंक पर क्लिक न करें।
  3. बैंक खाते या यूपीआई पिन की मांग को तुरंत संदिग्ध मानें।
  4. किसी अनजान व्यक्ति को स्क्रीन साझा न करें।
  5. ऐप स्टोर में प्रकाशक और डाउनलोड स्रोत जांचें।
  6. महत्वपूर्ण दस्तावेज साझा करने से पहले प्राप्तकर्ता की पहचान सुनिश्चित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

DigiLocker किस मंत्रालय की सेवा है?

यह इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की प्रमुख पहल है।

क्या DigiLocker मुफ्त है?

सामान्य नागरिक उपयोग के लिए पंजीकरण और जारी दस्तावेज प्राप्त करने की मूल सेवा मुफ्त है। कुछ भविष्य की विशेष प्रीमियम सेवाओं की अलग शर्तें हो सकती हैं।

क्या DigiLocker में अपलोड की गई फोटो सरकारी मूल दस्तावेज बन जाती है?

नहीं। उपयोगकर्ता द्वारा अपलोड फाइल DigiLocker Drive में निजी प्रति है। जारीकर्ता से सीधे प्राप्त “Issued Document” की प्रमाणिकता अलग होती है।

क्या आधार के बिना DigiLocker इस्तेमाल कर सकते हैं?

पंजीकरण के विकल्प केवल आधार तक सीमित नहीं हैं, लेकिन कुछ आधार-आधारित सेवाओं और दस्तावेजों के लिए आधार सत्यापन की जरूरत पड़ सकती है।

क्या DigiLocker की मार्कशीट वैध है?

यदि अंकतालिका संबंधित अधिकृत बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा “Issued Documents” के रूप में जारी की गई है, तो वह इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्रामाणिक दस्तावेज मानी जाती है, जहां संबंधित संस्था उसे स्वीकार करती है।

क्या दस्तावेज ऑफलाइन रख सकते हैं?

उपलब्ध दस्तावेज पीडीएफ के रूप में डाउनलोड किए जा सकते हैं। लेकिन किसी संस्था को देने के समय सत्यापन योग्य वर्तमान जारी प्रति उपयोग करना बेहतर हो सकता है।

निष्कर्ष

DigiLocker केवल फाइल रखने की ऑनलाइन जगह नहीं है। इसकी सबसे बड़ी उपयोगिता यह है कि अधिकृत सरकारी और संस्थागत जारीकर्ता अपने डिजिटल दस्तावेज सीधे नागरिक के खाते में उपलब्ध करा सकते हैं। “Issued Documents” और स्वयं अपलोड की गई फाइल का अंतर समझना जरूरी है। मोबाइल और सुरक्षा पिन सुरक्षित रखें, दस्तावेज केवल जरूरत पर साझा करें और किसी गलत रिकॉर्ड को डिजिलॉकर में नहीं, मूल जारीकर्ता के यहां सुधारें।

आधिकारिक स्रोत

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