मुख्य सामग्री पर जाएँ

उत्कल दिवस पर निबंध Utkal Diwas Odisha Hindi (ଓଡ଼ିଶା ଦିବସ)

उत्कल दिवस पर निबंध Utkal Diwas Odisha Hindi (ଓଡ଼ିଶା ଦିବସ)
विषय सूची
  1. 1  उत्कल दिवस पर निबंध Utkal Diwas Odisha Hindi (ଓଡ଼ିଶା ଦିବସ)
  2. 2  ओडिशा राज्य के विषय में कुछ मुख्य जानकारी Important Information about Odisha in Hindi
  3. 3  उत्कल दिवस का इतिहास History of Utkal Diwas in Hindi
  4. 4  उत्कल दिवस कब है? Utkal Diwas Date in Hindi
  5. 5  ओडिशा के 30 जिले Districts of Odisha in Hindi
  6. 6  उत्कल दिवस (ओडिशा दिवस का उत्सव) Celebration of Utkal Diwas (Odisha Day in Hindi)
  7. 7  ओड़िया देशभक्त कवि - लक्ष्मीकांता महापात्र द्वारा लिखित कविता – 'बंदे उतकल जननी' गीत (अंग्रेजी और ओड़िया में)
  8. 8  निष्कर्ष Conclusion

इस लेख में आप उत्कल दिवस पर निबंध Utkal Diwas Odisha Hindi (ଓଡ଼ିଶା ଦିବସ) पढ़ेंगे। इसे ओडिशा दिवस भी कहते हैं। इस लेख में आप इसकी तारीख, महत्व, और इस उत्सव के इतिहास के विषय में जानकारी दिया गया है।

उत्कल दिवस पर निबंध Utkal Diwas Odisha Hindi (ଓଡ଼ିଶା ଦିବସ)

ओडिशा, भारत (Odisha, India) में उन ओडिशा के इतिहास के लोगों को याद किया जाता जिन्होंने ओडिशा को आगे ले जाने और सफल बनाने के लिए अपना बहुत बड़ा योगदान और बलिदान दिया था। इस दिन को उत्कल दिवस / ओडिशा दिवस (Utkal Diwas / Odisha Day) के नाम से मनाया जाता है।

उत्कल दिवस ना सिर्फ भारत के अलग-अलग राज्यों में मनाया जाता है बल्कि यह अन्य देशों में भी मनाया जाता है जहाँ ओडिशा के लोग रहते हैं।

ओडिशा राज्य के विषय में कुछ मुख्य जानकारी Important Information about Odisha in Hindi

प्राचीन काल में ओडिशा राज्य , कलिंग राज्य का केंद्र था इसलिए आज भी ओडिशा को कलिंग राज्य के नाम से जाना जाता है। सम्राट अशोक ने कलिंग राज्य में ज्यादा दिन तक राज्य नहीं किया। बाद में कई सालों तक मौर्य साम्राज्य ने कलिंग प्रदेश पर राज्य किया था।

कलिंग साम्राज्य के धीरे-धीरे पतन होते समय कई हिन्दू राजवंश ओडिशा में उभरे और उन्होंने ओडिशा के कई जगहों जैसे पूरी, भुबनेश्वर, और कोणार्क में कई सुन्दर और भव्य मंदिरों का निर्माण किया था।

ओडिशा में लम्बे समय तक मुसलमानों के प्रतिरोध के बाद सन 1568 को अफगानों ने आक्रमण करके मुग़लों को खदेड़ दिया। मुगलों के पतन के बाद ओडिशा बंगाल के नवाबों और मराठों के बिच दो भाग में बंट गया।

सन 1803 में उड़ीसा राज्य पर ब्रिटिश लोगों ने कब्ज़ा कर लिया।

उत्कल दिवस का इतिहास History of Utkal Diwas in Hindi

1 अप्रैल, 1936 में उड़ीसा (Orissa) को एक अलग राज्य के रूप में घोषित किया गया। इसी के उत्सव में उत्कल दिवस प्रतिवर्ष 1 अप्रैल को ख़ुशी के साथ मनाया जाता है।

1950 में उड़ीसा भारत का संघटक राज्य बन गया। बाद में वर्ष 2011 में उड़ीसा को ओडिशा (Orissa to Odisha)के नाम से संविधान में संशोधन किया गया। साथ ही ओरिया भाषा को भी ओडिया (Oriya to Odia) नाम में बदला गया।

उत्कल गौरव मधुसुदन दास, उत्कलमणि गोपबंधु दास, महाराजा श्री रामचंद्र भंजदियो, महाराजा श्री कृष्ण चन्द्र गजपति, रजा बैकुंठनाथ डे, फ़क़ीर मोहन सेनापति, गंगाधर मेहर और गौरीशंकर रे जी के अग्रणी प्रयासों के कारण ओडिशा एक अलग सुन्दर भाषाओं परम्पराओं का राज्य बन पाया।

उत्कल दिवस कब है? Utkal Diwas Date in Hindi

उत्कल दिवस प्रतिवर्ष 1 अप्रैल, को मुख्य रूप से ओडिशा, भारत में मनाया जाता है। साथ ही ओडिशा के निवासी दुनिया भर में जहां कहीं भी हों इस उत्सव को मानते हैं।

ओडिशा के 30 जिले Districts of Odisha in Hindi

  1. Angul अंगुल 
  2. Balangir बलांगीर 
  3. Bargarh बरगढ़ 
  4. Deogarh देओगढ़ 
  5. Dhenkanal ढेंकानाल
  6. Jharsuguda झारसुगुड़ा
  7. Kendujhar केंदुझर
  8. Sambalpur संबलपुर
  9. Subarnapur सुबर्णपुर
  10. Sundargarh सुंदरगढ़
  11. Balasore बलासोर
  12. Bhadrak भद्रक
  13. Cuttack कटक
  14. Jagatsinghpur जगतसिंघपुर
  15. Jajpur जाजपुर
  16. Kendrapada केंद्रपडा
  17. Khordha खोर्दा 
  18. Mayurbhanj मयुरभंज
  19. Nayagarh नयागढ़
  20. Puri पूरी 
  21. Boudh बौध
  22. Gajapati गजपति
  23. Ganjam गंजाम
  24. Kalahandi कालाहांडी
  25. Kandhamal कंधमाल
  26. Koraput कोरापुट
  27. Malkangiri मलकानगिरी
  28. Nabrangpur नबरंगपुर
  29. Nuapada नुआपड़ा
  30. Rayagada रायगडा 

उत्कल दिवस (ओडिशा दिवस का उत्सव) Celebration of Utkal Diwas (Odisha Day in Hindi)

1 अप्रैल को प्रतिवर्ष उत्कल दिवस (ओडिशा दिवस) (Utkal Diwas / Odisha Day) के रूप में मनाने के लिए कई प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम राज्य के कई बड़े से छोटे शहरों में आयोजित करते हैं। इस दिन ओडिशा राज्य में छुट्टी का दिन होता है।

साथ ही कई जगह सांस्कृतिक विषयों पर प्रतियोगिताएं किए जाते जिनमे बच्चों से ले कर बड़े सब भाग लेते हैं। रात के समय कई प्रकार के सस्तरिया संगीत और ओडिशा के गौरव को दर्शाते नृत्य और गीत समहरोह भी आयोजित किए जाते हैं।

ओड़िया देशभक्त कवि – लक्ष्मीकांता महापात्र द्वारा लिखित कविता – ‘बंदे उतकल जननी’ गीत (अंग्रेजी और ओड़िया में)

निष्कर्ष Conclusion

इस लेख में आपने ओडिशा दिवस का इतिहास, महत्व, उत्सव के विषय में जानकारी प्राप्त किया। आशा करते हैं आपको यह उत्कल दिवस पर निबंध Utkal Diwas Odisha Hindi (ଓଡ଼ିଶା ଦିବସ) अच्छा लगा होगा।

अगर आपको यह लेख पसंद आया हो तो इसे अपने सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें। आप सभी को उत्कल दिवस (ओडिशा दिवस) की हार्दिक शुभकामनायें।

टिप्पणियाँ (1)

1 टिप्पणियाँ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.