चिकनपॉक्स क्या है? लक्षण, फैलने का तरीका, इलाज, बचाव और कब डॉक्टर को दिखाएं

चिकनपॉक्स एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है, जिसे चिकित्सा भाषा में वैरिसेला कहा जाता है। यह वैरिसेला-जोस्टर वायरस से होती है। पुराने हिंदी लेखों में चिकनपॉक्स को अक्सर केवल “चेचक” लिखा जाता है, लेकिन इससे भ्रम पैदा हो सकता है क्योंकि ऐतिहासिक स्मॉलपॉक्स यानी बड़ी चेचक एक अलग बीमारी थी, जो वैरिओला वायरस से होती थी और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 1980 में उसके उन्मूलन की घोषणा कर दी थी।

चिकनपॉक्स आमतौर पर खुजली वाले पानी भरे दानों, बुखार और थकान के साथ दिखाई देता है। बच्चों में यह कई बार हल्का रहता है, लेकिन शिशुओं, किशोरों, वयस्कों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं। इसलिए इसे केवल “बच्चों की सामान्य बीमारी” मानकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।

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चिकनपॉक्स किस वायरस से होता है?

चिकनपॉक्स का कारण वैरिसेला-जोस्टर वायरस है। यही वायरस बाद में जीवन में दोबारा सक्रिय होकर हर्पीस जोस्टर या शिंगल्स पैदा कर सकता है। इसका मतलब यह नहीं कि चिकनपॉक्स “पूरी तरह शरीर से निकल जाता है”; संक्रमण ठीक होने के बाद वायरस तंत्रिका कोशिकाओं में निष्क्रिय रूप से रह सकता है।

अधिकांश लोगों को एक बार चिकनपॉक्स होने के बाद लंबे समय तक प्रतिरक्षा मिलती है और दोबारा बीमारी होना uncommon है, लेकिन यह बिल्कुल असंभव नहीं है। टीका लगवा चुके व्यक्ति को भी breakthrough chickenpox हो सकता है, हालांकि ऐसे मामले अक्सर हल्के होते हैं।

चिकनपॉक्स कैसे फैलता है?

यह बीमारी बहुत आसानी से फैल सकती है। वायरस संक्रमित व्यक्ति के दानों के तरल के सीधे संपर्क, हवा में मौजूद वायरस कणों और निकट संपर्क से फैल सकता है। घर के भीतर यदि किसी व्यक्ति में प्रतिरक्षा नहीं है और वह चिकनपॉक्स वाले मरीज के बहुत करीब रहता है, तो संक्रमण का जोखिम काफी अधिक होता है।

व्यक्ति दाने निकलने से लगभग 1 से 2 दिन पहले ही दूसरों को संक्रमण दे सकता है और तब तक संक्रामक माना जाता है जब तक सभी दाने पपड़ी बनकर सूख न जाएं। टीका लगवा चुके कुछ लोगों में दाने पपड़ी नहीं बनाते; ऐसे मामलों में सामान्यतः तब तक अलग रहने की सलाह दी जाती है जब तक 24 घंटे तक कोई नया दाना न निकले।

संक्रमण के कितने दिन बाद लक्षण आते हैं?

वैरिसेला-जोस्टर वायरस के संपर्क के बाद लक्षण आने में आमतौर पर 10 से 21 दिन लग सकते हैं। औसतन लगभग 14 से 16 दिन में बीमारी दिखाई दे सकती है। इस अवधि को incubation period कहा जाता है।

चिकनपॉक्स के शुरुआती लक्षण

दाने आने से 1 या 2 दिन पहले विशेषकर बड़े बच्चों और वयस्कों में कुछ सामान्य लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

  • हल्का या मध्यम बुखार
  • थकान और कमजोरी
  • भूख कम लगना
  • सिरदर्द
  • शरीर में असहजता या सामान्य दर्द

छोटे बच्चों में कई बार दाने ही पहला स्पष्ट संकेत होते हैं। दूसरी वायरल बीमारियों में भी बुखार और कमजोरी हो सकती है, इसलिए केवल इन लक्षणों से चिकनपॉक्स की पुष्टि नहीं की जा सकती।

चिकनपॉक्स के दाने कैसे होते हैं?

चिकनपॉक्स का सबसे पहचाना जाने वाला लक्षण खुजली वाले दानों का समूह है। यह अक्सर छाती, पीठ या चेहरे से शुरू होकर शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैल सकता है। कुछ लोगों में मुंह, पलकों या जननांग क्षेत्र के आसपास भी दाने हो सकते हैं।

दाने अलग-अलग चरणों में एक साथ दिखाई दे सकते हैं। पहले लाल धब्बे या छोटे उभरे हुए दाने दिखते हैं, फिर उनमें साफ तरल भर सकता है और आखिर में वे सूखकर पपड़ी बनाते हैं। आम तौर पर बीमारी लगभग 4 से 7 दिन चल सकती है और लगभग एक सप्ताह में अधिकांश फफोले पपड़ी में बदल जाते हैं।

क्या हर मरीज में बहुत सारे दाने होते हैं?

नहीं। दानों की संख्या व्यक्ति के अनुसार बदल सकती है। टीका लगवा चुके व्यक्ति में breakthrough infection होने पर कम दाने, कम बुखार या केवल लाल धब्बे भी हो सकते हैं। इसी कारण केवल पुराने “सैकड़ों पानी वाले दाने” वाले चित्र से तुलना करना पर्याप्त नहीं है। संदेह होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।

चिकनपॉक्स और स्मॉलपॉक्स एक ही बीमारी नहीं हैं

हिंदी में “चेचक” शब्द कई जगह दोनों के लिए इस्तेमाल किया गया है, लेकिन चिकनपॉक्स और स्मॉलपॉक्स अलग-अलग वायरस से होने वाली अलग बीमारियां हैं। चिकनपॉक्स वैरिसेला-जोस्टर वायरस से होता है। स्मॉलपॉक्स वैरिओला वायरस से होता था और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 1980 में उसे विश्व से समाप्त घोषित किया।

इसलिए आज किसी बच्चे के शरीर पर खुजली वाले फफोले आने पर उसे “पुरानी बड़ी चेचक” मानना सही नहीं है। आधुनिक चिकित्सा में कारण और निदान स्पष्ट रूप से अलग किए जाते हैं।

चिकनपॉक्स का निदान कैसे होता है?

कई मामलों में डॉक्टर रोगी के लक्षण और दानों के स्वरूप देखकर निदान कर सकते हैं। लेकिन टीका लगवा चुके व्यक्ति, असामान्य दाने, गर्भावस्था या कमजोर प्रतिरक्षा जैसे मामलों में प्रयोगशाला जांच की जरूरत पड़ सकती है। पीसीआर जांच वैरिसेला-जोस्टर वायरस की पुष्टि के लिए सबसे भरोसेमंद तरीकों में गिनी जाती है।

चिकनपॉक्स का इलाज क्या है?

स्वस्थ बच्चों और कई स्वस्थ वयस्कों में चिकनपॉक्स अपने आप ठीक हो सकता है और इलाज का मुख्य उद्देश्य बुखार, खुजली और असुविधा कम करना होता है। लेकिन हर व्यक्ति की उम्र और जोखिम अलग होता है, इसलिए गंभीरता के अनुसार डॉक्टर उपचार तय करते हैं।

बुखार और दर्द

बुखार के लिए डॉक्टर या स्वास्थ्य पेशेवर की सलाह के अनुसार पैरासिटामोल का उपयोग किया जा सकता है। बच्चों में चिकनपॉक्स के दौरान एस्पिरिन नहीं देना चाहिए क्योंकि इससे रेये सिंड्रोम नाम की गंभीर स्थिति का खतरा जुड़ा है। सीडीसी यह भी बताता है कि संभव हो तो इबुप्रोफेन से बचने की सलाह दी जा सकती है क्योंकि चिकनपॉक्स के साथ गंभीर त्वचा संक्रमण का संबंध रिपोर्ट किया गया है।

खुजली कम करने के उपाय

  • कैलामाइन लोशन कुछ लोगों में खुजली कम करने में मदद कर सकता है।
  • ठंडे या गुनगुने पानी से स्नान राहत दे सकता है।
  • ओटमील या बेकिंग सोडा वाला स्नान भी कुछ मामलों में खुजली कम कर सकता है।
  • नाखून छोटे रखें ताकि खुजलाने से घाव और त्वचा संक्रमण का जोखिम कम हो।
  • छोटे बच्चों को रात में ढीले कपड़े और साफ हाथ रखने में मदद करें।

एंटीवायरल दवा कब दी जाती है?

एंटीवायरल दवाएं हर स्वस्थ बच्चे को जरूरी नहीं होतीं। डॉक्टर उन्हें उन लोगों में विचार कर सकते हैं जिनमें गंभीर बीमारी का जोखिम अधिक है, जैसे किशोर या वयस्क, गर्भवती महिलाएं, लंबे समय से कुछ दवाएं लेने वाले लोग, पुरानी त्वचा या फेफड़ों की बीमारी वाले मरीज और कमजोर प्रतिरक्षा वाले व्यक्ति। एंटीवायरल दवाएं शुरुआती समय में शुरू करने पर अधिक प्रभावी हो सकती हैं। इन्हें स्वयं खरीदकर लेना उचित नहीं है।

किन लोगों में गंभीर बीमारी का जोखिम अधिक है?

  • एक वर्ष से कम उम्र के शिशु
  • किशोर और वयस्क
  • गर्भवती महिलाएं
  • कैंसर, प्रत्यारोपण या अन्य कारणों से कमजोर प्रतिरक्षा वाले व्यक्ति
  • कीमोथेरेपी या प्रतिरक्षा दबाने वाली दवाएं लेने वाले लोग
  • लंबे समय तक स्टेरॉयड या कुछ अन्य दवाएं लेने वाले मरीज

इन समूहों में एक्सपोजर होने पर भी जल्दी डॉक्टर से संपर्क करना उपयोगी है, क्योंकि बीमारी शुरू होने का इंतजार करना हमेशा सही नहीं होता।

चिकनपॉक्स की संभावित जटिलताएं

अधिकांश स्वस्थ बच्चों में बीमारी हल्की होती है, लेकिन जटिलताएं हो सकती हैं। इनमें त्वचा का बैक्टीरियल संक्रमण, निमोनिया, निर्जलीकरण, तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याएं और गंभीर संक्रमण शामिल हो सकते हैं। वयस्कों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले व्यक्तियों में जोखिम अधिक हो सकता है।

कब तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

निम्न स्थितियों में चिकित्सा सहायता लेने में देरी न करें:

  • बुखार 4 दिन से अधिक चले या बहुत तेज हो।
  • दाने के आसपास त्वचा बहुत लाल, गर्म, दर्दनाक हो या मवाद निकलने लगे।
  • सांस लेने में कठिनाई या तेज खांसी हो।
  • बार-बार उल्टी, बहुत कमजोरी या गंभीर पेट दर्द हो।
  • रोगी को जगाना कठिन हो, भ्रम हो या चलने में परेशानी हो।
  • गर्दन अकड़ जाए।
  • दाने में असामान्य रक्तस्राव या नीले निशान दिखाई दें।
  • रोगी गर्भवती हो, बहुत छोटा शिशु हो या उसकी प्रतिरक्षा कमजोर हो।

आपात स्थिति में घर के सामान्य उपचार पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सकीय सहायता लें। प्राथमिक चिकित्सा की सामान्य जानकारी के लिए प्राथमिक चिकित्सा की पूरी जानकारी भी पढ़ सकते हैं।

चिकनपॉक्स से बचाव कैसे करें?

चिकनपॉक्स से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका टीकाकरण है। कई देशों में बच्चों और प्रतिरक्षा न रखने वाले लोगों के लिए दो खुराक का वैरिसेला टीकाकरण कार्यक्रम उपयोग किया जाता है। भारत में वैरिसेला टीके की उपलब्धता और आपके बच्चे के लिए उपयुक्त समय के बारे में बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लें, क्योंकि राष्ट्रीय और निजी टीकाकरण कार्यक्रम अलग हो सकते हैं।

टीका गंभीर बीमारी के जोखिम को काफी कम करता है। टीका लगने के बाद भी संक्रमण हो सकता है, लेकिन ऐसे breakthrough मामले अक्सर हल्के होते हैं।

घर में संक्रमण फैलने से कैसे रोकें?

  1. रोगी को स्कूल, कार्यालय या भीड़ वाली जगह न भेजें जब तक सभी दाने सूखकर पपड़ी न बन जाएं।
  2. गर्भवती, नवजात और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को रोगी से दूर रखें।
  3. तौलिया, कपड़े और निजी वस्तुएं साझा न करें।
  4. हाथ साबुन और पानी से नियमित धोएं।
  5. दाने खुजलाने के बाद हाथ तुरंत धोएं।
  6. कमरे में सामान्य वेंटिलेशन रखें।
  7. संक्रमण के दौरान अनावश्यक आगंतुक न बुलाएं।

क्या चिकनपॉक्स वाले बच्चे को नहलाना चाहिए?

हाँ, सामान्य साफ-सफाई बनाए रखना उपयोगी है। पुराने घरेलू विश्वासों के कारण कई परिवार बच्चे को कई दिन नहलाते नहीं, लेकिन साफ और हल्का स्नान त्वचा को आराम दे सकता है। बहुत गर्म पानी, तेज रगड़ और दानों को फोड़ने से बचें। स्नान के बाद त्वचा को धीरे-धीरे सुखाएं।

क्या नीम, हल्दी या घरेलू नुस्खे बीमारी ठीक कर सकते हैं?

ऐसे घरेलू नुस्खों को वायरस खत्म करने वाला सिद्ध इलाज नहीं माना जाता। कुछ चीजें त्वचा पर जलन या एलर्जी भी कर सकती हैं। खुजली राहत के लिए प्रमाणित सरल उपाय जैसे कैलामाइन, ठंडा स्नान और डॉक्टर द्वारा सुझाई गई दवा अधिक सुरक्षित विकल्प हैं। गंभीर लक्षण होने पर घरेलू नुस्खों के कारण चिकित्सा में देरी न करें।

चिकनपॉक्स और शिंगल्स का संबंध

चिकनपॉक्स ठीक होने के बाद वैरिसेला-जोस्टर वायरस शरीर की तंत्रिका कोशिकाओं में निष्क्रिय रह सकता है। वर्षों बाद यही वायरस सक्रिय होकर शिंगल्स पैदा कर सकता है। शिंगल्स में आमतौर पर शरीर के एक हिस्से में दर्द और फफोलेदार दाने दिखाई देते हैं।

शिंगल्स वाले व्यक्ति से प्रतिरक्षा न रखने वाला व्यक्ति वायरस पकड़ सकता है और उसे चिकनपॉक्स हो सकता है; उसे सीधे “शिंगल्स” नहीं होता।

दूसरी बुखार वाली बीमारियों से अंतर

भारत में बुखार और शरीर दर्द डेंगू, चिकनगुनिया और अन्य संक्रमणों में भी हो सकते हैं, लेकिन उनके कारण और उपचार अलग हैं। मच्छर से फैलने वाली बीमारी और चिकनपॉक्स को एक जैसा मानना गलत है। आप डेंगू के लक्षण और इलाज तथा चिकनगुनिया की जानकारी भी पढ़ सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या चिकनपॉक्स एक बार होने के बाद दोबारा नहीं होता?

अधिकांश लोगों में एक बार संक्रमण के बाद लंबे समय की प्रतिरक्षा बनती है और दोबारा होना uncommon है, लेकिन यह बिल्कुल असंभव नहीं है।

चिकनपॉक्स कितने दिन फैलता है?

रोगी दाने आने से लगभग 1 से 2 दिन पहले से संक्रामक हो सकता है और तब तक संक्रमण फैला सकता है जब तक सभी दाने पपड़ी बनकर सूख न जाएं।

चिकनपॉक्स में एस्पिरिन दे सकते हैं?

बच्चों और किशोरों में चिकनपॉक्स के दौरान एस्पिरिन नहीं देना चाहिए क्योंकि यह रेये सिंड्रोम से जुड़ा है। दवा डॉक्टर की सलाह से ही दें।

क्या चिकनपॉक्स में स्कूल जाना चाहिए?

नहीं। रोगी को तब तक घर पर रहना चाहिए जब तक सभी फफोले सूखकर पपड़ी न बन जाएं। टीका लगवा चुके mild मामले में यदि दाने पपड़ी नहीं बनते, तो कम से कम 24 घंटे तक कोई नया दाना न आने तक अलग रहना चाहिए।

क्या चिकनपॉक्स के लिए एंटीबायोटिक जरूरी है?

चिकनपॉक्स वायरस से होता है, इसलिए सामान्य रूप से एंटीबायोटिक वायरस का इलाज नहीं करती। यदि त्वचा में बैक्टीरियल संक्रमण जैसी जटिलता हो तो डॉक्टर अलग उपचार दे सकते हैं।

क्या चिकनपॉक्स की वैक्सीन उपलब्ध है?

हाँ। वैरिसेला वैक्सीन उपलब्ध है और बीमारी तथा गंभीर जटिलताओं का जोखिम कम करती है। भारत में आपके बच्चे या परिवार के सदस्य के लिए उपयुक्त कार्यक्रम चिकित्सक से पूछें।

निष्कर्ष

चिकनपॉक्स वैरिसेला-जोस्टर वायरस से होने वाली अत्यधिक संक्रामक बीमारी है। खुजली वाले पानी भरे दाने इसका मुख्य लक्षण हैं, लेकिन बुखार, थकान और भूख कम लगना भी हो सकता है। अधिकांश स्वस्थ बच्चों में बीमारी हल्की रहती है, फिर भी गर्भवती महिलाओं, शिशुओं, किशोरों, वयस्कों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में गंभीरता बढ़ सकती है। सही निदान, टीकाकरण, संक्रमण के दौरान अलगाव और चेतावनी वाले लक्षणों पर समय पर चिकित्सा सहायता सबसे महत्वपूर्ण हैं।

विश्वसनीय स्वास्थ्य स्रोत

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