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स्वास्थ्य ही धन है पर निबंध हिन्दी मे Essay on Health is Wealth in Hindi

स्वास्थ्य ही धन है पर निबंध हिन्दी मे Essay on Health is Wealth in Hindi
विषय सूची
  1. 1  प्रस्तावना Introduction (स्वास्थ्य ही धन है पर निबंध - 800 Words)
  2. 2  आधुनिक युग मे स्वास्थ्य और धन Health and money in modern era
  3. 3  धन से बढ़ कर बहुत कुछ More than money in life
  4. 4  बढ़ती मुश्किलें Increasing problems
  5. 5  निष्कर्ष Conclusion

आज के इस लेख मे हमने स्वास्थ्य ही धन है पर निबंध हिन्दी मे Essay on Health is wealth in Hindi स्कूल और कॉलेज के बच्चों के लिए लिखा है। इस निबंध से हमें स्वास्थ्य के मोल या महत्व के विषय मे पता चलता है। आखिर पैसा क्यों स्वास्थ्य से बढ़ कर नहीं है यह भी हमने बताया है।

प्रस्तावना Introduction (स्वास्थ्य ही धन है पर निबंध – 800 Words)

इस स्वास्थ्य ही धन है पर निबंध को शुरू करने से पहले एक महत्वपूर्ण सवाल – क्या अच्छे स्वास्थ्य के बिना हम अपने धन का लाभ उठा पाएंगे? जी दोस्तों नहीं ना। इसी लिए तो स्वास्थ्य ही धन है कहावत कहा गया है।

चाहे कुछ भी हो जाए हमें अपने स्वास्थ्य को ध्यान मे रख कर ही धन कमाना चाहिए। आप भी अपने आप से पूछिए कहीं आप पैसा कमाने मे इतने व्यस्त तो नहीं हो गए हैं की वह आपके स्वास्थ्य से ज्यादा जरूरी लगने लगा है। क्योंकि अच्छा और बेहतर स्वास्थ्य नहीं तो धन तो व्यर्थ ही है।

आधुनिक युग मे स्वास्थ्य और धन Health and money in modern era

यह आधुनिक जीवन बहुत ही व्यस्त और मुश्किलों से भरा हुआ है। इस मुश्किल से भरे हुए दिन में अपने जीवन को और बेहतर बनाने के लिए या पैसे कमाने के लिए हम इतना व्यस्त हो जाते हैं कि अपने अच्छे स्वास्थ्य के विषय में भूल जाते हैं। क्या आपको लगता नहीं कि हमें सर्वप्रथम अपने इस अनमोल स्वास्थ्य के विषय में सोचना चाहिए क्योंकि अगर स्वास्थ्य नहीं तो यह जीवन कैसे रह सकता है?

धन से बढ़ कर बहुत कुछ More than money in life

बिना अच्छे स्वास्थ्य के पैसों का कोई मूल्य नहीं है। समय पर सुबह उठना, व्यायाम करना, काम करने जाना, सही समय पर सही भोजन और ऑफ़िस से काम करने के बाद घर लौटने पर आराम करना अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक होता है। हमें इस बात का हमेशा ध्यान देना चाहिए कि ‘स्वास्थ्य ही हमारा असली धन है’।

एक अच्छा स्वास्थ्य हमेशा मन से चिंता को दूर रखता है और बिना किसी रोग के ख़ुशी भरा जीवन व्यतीत करने में मदद करता है। अगर आपका तबियत थोड़ा भी ख़राब होता है तो समय पर डॉक्टर से जाँच ज़रूर करवाए क्योंकि जीवन में स्वास्थ्य आपका सबसे प्रथम प्राथमिकता होना चाहिए।

सही पौष्टिक आहार जैसे हरी सब्ज़ियाँ, ताज़े फल, दूध, दही, अंडे शरीर को ताकत देते हैं और प्राकृतिक विटामिन और मिनरल के रूप में काम आते हैं। सही खाना के साथ-साथ सही समय में भोजन करना बहुत ज़रूरी होता है क्योंकि इससे पाचन तंत्र सही रहता है। परंतु आज के जीवन में लोग बहुत ही ज्यादा जंग फूड या तेल और नमक युक्त खाना खा रहे हैं जो कि स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है।

प्रतिदिन नियमित रूप से प्रातः काल भ्रमण, व्यायाम, सही समय पर आराम और अच्छी नींद लेना, पौष्टिक भोजन करना, घर में स्वछता का ध्यान रखना, और अच्छे स्वच्छ वातावरण में रहना स्वस्थ जीवन के लिए बहुत आवश्यक होता है। इससे हमारा इम्युनिटी मजबूत रहता है और बार-बार अस्पताल का रास्ता नहीं देखना पड़ता है।

एक अच्छे स्वास्थ्य और अच्छी आदतों को बनाये रखने के लिए बचपन से बच्चों को सिखाना बहुत आवश्यक होता है। आज कर किताबों की दुकान में ऐसी कई किताबें उपलब्ध हैं जिनमे बच्चों के लिए अच्छे शिष्टाचार और आदतों के बारे में पूरी जानकारी दी गयी है। उन किताबों के माध्यम से उन शिक्षाओं को बच्चों को प्रदान करना चाहिए।

बढ़ती मुश्किलें Increasing problems

आज के इस आधुनिक युग में मनुष्य को प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और कई प्रकार के प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में नियमित रूप से सभी कार्यों को करना बहुत ही आवश्यक होता है। अपने आसपास के मोहल्लों को साफ सुथरा रखना और गली मोहल्लों में पेड़ पौधों को लगाना बहुत ही आवश्यक है साथ ही हमें इस बात का भी ध्यान रखना है कि कोई भी हमारे प्राकृतिक सम्पदा को नष्ट ना कर सके।

आज के इस आसान टेक्नोलॉजी वाले जीवन में अब मनुष्य बहुत आलसी बन चुका है जिसके कारण लोग कई प्रकार के बिमारियों से घिरे हुए हैं। आज के इस दूषित पर्यावरण और खाद्य पदार्थों के कारण स्वस्थ जीवन जीवित रहना बहुत ही महँगा हो चुका है और पानी, खाना और पर्यावरण दूषित तथा संक्रमित हो चुका है।

पुराने ज़माने में लोग दिन भर ऐसा परिश्रम से भरा कार्य करते थे जिसमे ढेर सारा व्यायाम होता था और पसीना बहता था। पर आज के युग में लोगों का ज्यादातर काम मशीनें करती हैं जिसके कारण मनुष्य का काम आसान तो बन चुका है परन्तु उसके काम में व्यायाम और परिश्रम नाम मात्र का रह चुका है।

आज कल ज्यादातर कार्यालयों में लोग 8-9 घंटा सुबह से श्याम बस बैठे रहकर काम करते हैं। उसके बाद रात को घर लौटते हैं और रात को सो जाते हैं और अगले दिन फिर अपने ऑफिस में सुबह से शाम वैसे ही बैठे रहते हैं। यही इस युग में स्वास्थ्य बिगड़ने का सबसे बड़ा कारण है।

निष्कर्ष Conclusion

भले ही यह बात सच है कि जीवन में अपने सभी बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पैसा की बहुत आवश्यकता पड़ती है परन्तु जीवन में सुख और शांति के बिना उन पैसों का कोई काम नहीं। इसलिए अपने काम के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखे और एक सुखमय जीवन व्यतीत करें।

आशा करते हैं आपको स्वास्थ्य ही धन है पर निबंध हिन्दी मे Essay on Health is Wealth in Hindi अच्छा लगा होगा। अपने सुझाव कमेन्ट के माध्यम से भेजें।

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